नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।न्याय की आस लिए 84 वर्षीय विधवा महिला एक बार फिर कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंची। ग्राम अडमालिया निवासी हुलासी बाई ने अपनी कृषि भूमि पर अवैध कब्जे और प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने की शिकायत करते हुए तीसरी बार जनसुनवाई में आवेदन सौंपा है। बुजुर्ग महिला का कहना है कि सीमांकन और कब्जा सौंपे जाने के बावजूद पड़ोसी उसकी जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं तथा उसे उसकी भूमि का अधिकार नहीं मिल पा रहा है।प्रार्थीया हुलासी बाई पति स्वर्गीय काशीराम ने आवेदन में बताया कि वह वृद्ध और विधवा हैं तथा परिवार में उनका सहारा बनने वाला कोई सदस्य नहीं है। उनकी कृषि भूमि ग्राम अडमालिया, पटवारी हल्का नंबर 25 में स्थित है, जिसका सर्वे नंबर 617/2/2 और रकबा 0.57 हेक्टेयर है। यही भूमि उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है।महिला ने बताया कि भूमि विवाद को लेकर उन्होंने पूर्व में सीमांकन के लिए आवेदन दिया था। राजस्व विभाग द्वारा प्रकरण क्रमांक आरएस/432/0736/1161/2026 के तहत सीमांकन की कार्रवाई की गई और मौके पर भूमि का कब्जा भी उन्हें सौंप दिया गया। इसके बावजूद पड़ोसी कृषक दिलीप कुमार नागदा और रामगोपाल पर उनकी जमीन पर दोबारा कब्जा करने का आरोप लगाया गया है।आवेदन में महिला ने आरोप लगाया है कि संबंधित लोगों ने सीमांकन के बाद भी उनकी भूमि नहीं छोड़ी और उस पर खेती कर रहे हैं। जब उन्होंने अपनी जमीन खाली करने के लिए कहा तो कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और धमकियां दी गईं। बुजुर्ग महिला का कहना है कि वह लगातार प्रशासन के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है।तीसरी बार जनसुनवाई में पहुंची हुलासी बाई ने कलेक्टर से मांग की है कि उनकी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए तथा आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर वह केवल अपनी जमीन वापस चाहती हैं, ताकि सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।मामला जनसुनवाई में पहुंचने के बाद अब प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। वहीं बुजुर्ग महिला को उम्मीद है कि इस बार उनकी फरियाद सुनी जाएगी और उन्हें उनकी जमीन पर न्यायपूर्ण अधिकार मिल सकेगा।







