दिव्यांग बुजुर्ग महिला लोट लगाते पहुंची जनसुनवाई, बोलीं– ड्रोन सर्वे की गलती से छिन रहा आशियाना
14 Jul 2026
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। जिला कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। जीरन तहसील के ग्राम चीताखेड़ा निवासी करीब 70 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग कलाबाई गायरी न्याय की उम्मीद लेकर लोट लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उम्र और दिव्यांगता के बावजूद अपनी फरियाद लेकर इस तरह जनसुनवाई में पहुंची महिला को देखकर वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और आमजन भी भावुक हो गए। मामला दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।कलाबाई गायरी ने जिला कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि वर्ष 2016 में तहसीलदार द्वारा उन्हें संबंधित भूखंड का वैध पट्टा प्रदान किया गया था। तब से वह उक्त भूमि पर लगातार काबिज हैं। इसी जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका मकान स्वीकृत हुआ है, जिसका निर्माण कार्य जारी है। योजना की पहली किस्त भी उनके खाते में आ चुकी है और निर्माण का कार्य प्रगति पर है।महिला का आरोप है कि हाल ही में हुए ड्रोन सर्वे के बाद तैयार ऑनलाइन भू-अभिलेख एवं नक्शे में उनका मकान किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज हो गया है। इस तकनीकी त्रुटि के कारण उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि गांव का एक व्यक्ति इस आधार पर उनके मकान का निर्माण रुकवाने का प्रयास कर रहा है तथा पुलिस बुलाकर दबाव भी बनाया जा रहा है, जबकि संबंधित भूमि पर उनकी बाउंड्रीवाल, ट्यूबवेल और निर्माणाधीन आवास स्पष्ट रूप से मौजूद हैं।दिव्यांग होने के कारण बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाना उनके लिए बेहद कठिन है। इसी मजबूरी के चलते उन्होंने प्रशासन का ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए लोट लगाते हुए जनसुनवाई तक पहुंचने का फैसला किया।कलाबाई गायरी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ड्रोन सर्वे में हुई त्रुटि की निष्पक्ष जांच कर ऑनलाइन नक्शे में उनके भूखंड का सही रिकॉर्ड दर्ज कराया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर उन्हें न्याय दिलाया जाए। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की गुहार लगाते हुए कहा कि उनके जीवनभर की जमा-पूंजी और आशियाना किसी भी स्थिति में उनसे नहीं छीना जाना चाहिए।