नीमच। महेंद्र उपाध्याय। मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के लिए लंबे समय से चली आ रही महंगाई राहत (डीआर) संबंधी विसंगति को लेकर बड़ा निर्णय सामने आया है। मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग द्वारा 17 जुलाई 2026 को जारी आदेश के बाद पेंशनरों में खुशी की लहर है। इस उपलब्धि पर रविवार को नीमच के भारत माता चौराहे पर पेंशनर संघ के सदस्यों ने आतिशबाजी कर मिठाई बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी।पेंशनर संघ के अध्यक्ष बालचंद वर्मा ने बताया कि पिछले 26 वर्षों से पेंशनरों को महंगाई राहत देने में दोनों राज्यों के बीच आपसी सहमति की अनिवार्यता के कारण लगातार देरी होती रही
इससे पेंशनरों को कई-कई महीनों तक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। इस व्यवस्था के खिलाफ संघ ने दो वर्ष से अधिक समय पहले न्यायालय में याचिका दायर की थी। संघ को पहले याचिका में सफलता मिली,उसके बाद अवमानना प्रकरण में भी निर्णय उनके पक्ष में आया। न्यायालय के निर्देश पर पुनःयाचिका प्रस्तुत की गई,जिसके बाद शासन को जवाब देना पड़ा और अंततः 17 जुलाई को नया आदेश जारी किया गया।वर्मा ने बताया कि अब दोनों राज्यों के वित्त सचिवों की सहमति से जारी आदेश के अनुसार महंगाई राहत घोषित करने के लिए दूसरे राज्य की सहमति लेना अनिवार्य नहीं रहेगा।प्रत्येक राज्य अब स्वतंत्र रूप से अपने यहां महंगाई राहत का आदेश जारी कर सकेगा।जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि महंगाई राहत घोषित करने के लिए दूसरे राज्य की सहमति प्राप्त करने की अनिवार्यता समाप्त की जाती है। इसके साथ ही भविष्य में पेंशनरों को महंगाई राहत देने के लिए विधायी संशोधन की बजाय दोनों राज्यों द्वारा कार्यकारी आदेश जारी किए जाएंगे। आदेश में यह भी उल्लेख है कि किसी भी राज्य द्वारा केंद्र सरकार से अधिक दर पर महंगाई राहत घोषित नहीं की जाएगी तथा यह आदेश जारी होने की तिथि से प्रभावी रहेगा।बालचंद वर्मा ने कहा कि पेंशनरों की मूल मांग यही थी कि केंद्र सरकार जिस दिन महंगाई राहत घोषित करे, उसी दिन से मध्यप्रदेश सरकार भी पेंशनरों को उसका लाभ दे। अब इस आदेश के बाद यही व्यवस्था लागू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।उन्होंने बताया कि पहले 6 से 8 माह तक राहत मिलने में देरी होती थी,जिससे पेंशनरों को लगभग 81 माह का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। हालांकि इस संबंध में न्यायालय में प्रकरण अभी भी विचाराधीन है और शासन इस नए आदेश को न्यायालय में प्रस्तुत करेगा, जिसके बाद आगे का निर्णय होगा।इस अवसर पर वी.के. वर्मा, शांतिलाल कारपेंटर,जगमोहन श्रीवास्तव,डॉ.एल.एन. शर्मा,सुजानमल पगारिया, श्याम टांकवाल,जी.एल. जैन,सुरेंद्र गोस्वामी, तेजसिंह राठौड़,दिनेश सोनी,के.के.कठेरिया, बंशीदास बैरागी,पी.एन. गुप्ता,नरेंद्र सोनार, रामनारायण वर्मा सहित बड़ी संख्या में पेंशनर साथी उपस्थित रहे।