[video width="568" height="320" mp4="https://sagarmanthannews.in/wp-content/uploads/2026/06/YouCut_20260623_161057441.mp4"][/video] नीमच। महेंद्र उपाध्याय। नगर पालिका की करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि पर अवैध कब्जे और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए भाजपा पार्षद दल ने मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में विस्तृत ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन भाजपा पार्षद दल की ओर से शशि कुमार कल्याणी, रूपेंद्र लोक्स एवं योगेश कवीश्वर द्वारा प्रस्तुत किया गया।ज्ञापन में बताया गया कि योजना क्रमांक 18 के मुखखण्ड क्रमांक 09 का वर्ष 1977 में आवंटन कुछ विशेष शर्तों के साथ किया गया था। आवंटन की शर्तों के अनुसार भूखंड पर निर्धारित उद्देश्य के तहत व्यापारिक गतिविधियां संचालित की जानी थीं तथा बिना परिषद की अनुमति के भूखंड का विक्रय या हस्तांतरण नहीं किया जा सकता था। आरोप लगाया गया कि इन शर्तों का उल्लंघन करते हुए भूखंड का हस्तांतरण कर दिया गया और बाद में वहां अस्पताल का निर्माण कर लिया गया।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि नगर पालिका द्वारा मूल भूखंडधारियों एवं संबंधित पक्षों को भूखंड निरस्तीकरण का नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा, जहां न्यायालय ने नगर पालिका के पक्ष में निर्णय देते हुए अपील को निरस्त कर भूखंड खाली कराने तथा नगर पालिका को उसका रिक्त आधिपत्य दिलाने के निर्देश दिए थे।भाजपा पार्षद दल का आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद नगर पालिका के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है। ज्ञापन में दावा किया गया कि लगभग 9600 वर्गफीट क्षेत्रफल वाले उक्त भूखंड के एक हिस्से पर वर्तमान में अवैध निर्माण कर दो दुकानें और करीब 10 कमरे बना दिए गए हैं, जिन्हें किराए पर संचालित किया जा रहा है।पार्षद दल ने कलेक्टर से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने तथा नगर पालिका की करोड़ों रुपये मूल्य की सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण एवं अवैध कब्जे से मुक्त कराकर परिषद को उसका अधिकार दिलाने की मांग की है।