नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। सिंगोली क्षेत्र के निवासी अशोक कुमार लबाना ने मंगलवार को जिला कलेक्टर को विस्तृत शिकायत सौंपकर दो अलग-अलग मामलों में राजस्व और नगर परिषद के अधिकारियों-कर्मचारियों पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए। शिकायत में पटियाल हल्का पटवारी और करड़ा सिंगोली के पटवारी बालकिशन धाकड़ पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर शासकीय रिकॉर्ड में हस्तक्षेप, झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है। वहीं नगर परिषद सिंगोली के अधिकारियों और कर्मचारियों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति का नामांतरण और कर रिकॉर्ड में हेरफेर करने की शिकायत भी दर्ज कराई गई है।शिकायतकर्ता अशोक कुमार लबाना ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर पटियाल पटवारी हल्का अंतर्गत रघुनाथपुरा की शासकीय भूमि पर बनी करीब 40 अवैध दुकानों की शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि मामले की जांच पटियाल हल्का के बजाय करड़ा सिंगोली के पटवारी बालकिशन धाकड़ ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर की और शासकीय रिकॉर्ड में गलत जानकारी दर्ज कर शिकायत को प्रभावित करने का प्रयास किया।आवेदन में आरोप लगाया गया है कि शिकायतकर्ता की निजी भूमि,जो जावद कोर्ट के स्टे में है,उसका विवरण भी शिकायत के जवाब में जोड़ दिया गया। इसके अलावा बिना किसी सक्षम जांच के भूमि के स्वामित्व और कब्जे को लेकर भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर शासकीय रिकॉर्ड में हस्तक्षेप किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि पटवारी ने वास्तविक शिकायत की जांच करने के बजाय उसे व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने का प्रयास किया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की मांग की है।दूसरे मामले में अशोक कुमार लबाना ने नगर परिषद सिंगोली के अधिकारियों और कर्मचारियों पर मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति का नामांतरण करने तथा करदाता का नाम बदलकर नई टैक्स रसीद जारी करने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि मूल रिकॉर्ड में दर्ज संपत्ति को बिना वैधानिक उत्तराधिकार और पर्याप्त जांच के अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिया गया तथा कर रिकॉर्ड में भी बदलाव कर दिया गया।शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से दोनों मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराने, संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल करने, शासकीय भूमि पर अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा फर्जी नामांतरण और रिकॉर्ड में हेरफेर करने वालों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।