खेत तक जाने का रास्ता बंद, गले में हेलीकॉप्टर की माला पहन कलेक्टर से बोला किसान – “अब खेत पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर दिला दीजिए”
14 Jul 2026
मुख्य खबरें
[video width="568" height="320" mp4="https://sagarmanthannews.in/wp-content/uploads/2026/07/YouCut_20260714_155832486.mp4"][/video]
नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। जिला कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक किसान अपने अनोखे विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा का विषय बन गया। जावद तहसील के ग्राम पालसोड़ा निवासी किसान रमेशचंद्र शर्मा अपने साथी रामलाल शर्मा के साथ गले में हेलीकॉप्टर की प्रतीकात्मक माला पहनकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। किसान ने आरोप लगाया कि खेत तक जाने का एकमात्र रास्ता बंद कर दिया गया है। अब जब जमीन के रास्ते खेत तक पहुंचना संभव नहीं है तो प्रशासन उन्हें हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए, ताकि वे अपनी कृषि भूमि तक पहुंच सकें।किसानों ने जिला कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उनकी कृषि भूमि तक वर्षों से उपयोग में आने वाला निजी रास्ता पड़ोसी पक्ष द्वारा तार फेंसिंग कर बंद कर दिया गया है। इस संबंध में सक्षम न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेश होने के बावजूद रास्ता नहीं खोला जा रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद भी आदेशों का पालन नहीं कराया जा रहा।आवेदन में आरोप लगाया गया है कि तुलसीबाई पति अमृतलाल पाटीदार, अमृतलाल पिता गोवर्धनलाल पाटीदार तथा प्रदीप पिता अमृतलाल पाटीदार, निवासी ग्राम पालसोड़ा, द्वारा रास्ते में बाधा उत्पन्न कर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही है। किसानों का कहना है कि कलेक्टर के निर्देश पर 10 जुलाई 2026 को राजस्व विभाग की टीम ने रास्ता खुलवाने का प्रयास भी किया था, लेकिन प्रभावशाली होने के कारण संबंधित पक्ष ने दोबारा रास्ता बंद कर दिया।पीड़ित किसान रमेशचंद्र शर्मा ने बताया कि रास्ता बंद होने से ट्रैक्टर, कृषि यंत्र और अन्य आवश्यक संसाधन खेत तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे खेती-किसानी का कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है। समय पर जुताई, बुवाई और अन्य कृषि कार्य नहीं होने से फसल उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेशों के बावजूद यदि रास्ता नहीं खुलवा सकते तो प्रशासन उन्हें खेत तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कर दे।किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि न्यायालय के आदेशों का तत्काल पालन कराते हुए रास्ता पूर्ववत खुलवाया जाए तथा आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।