[video width="568" height="320" mp4="https://sagarmanthannews.in/wp-content/uploads/2026/06/YouCut_20260623_161858363.mp4"][/video] नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब ग्राम पंचायत मोड़ी के उपसरपंच कारूलाल राठौर गले में वर्षों से दिए गए आवेदनों और शिकायतों की प्रतियों की माला पहनकर पहुंचे। अपने अनोखे विरोध प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने पंचायत के गायब शासकीय अभिलेखों के मामले में प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की।उपसरपंच राठौर ने कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत मोड़ी के वर्ष 1995 से 2012 तक के कई महत्वपूर्ण शासकीय अभिलेख संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए हैं। इनमें भूखंड आवंटन रजिस्टर, पंचायत प्रस्ताव रजिस्टर, पट्टा बुक, कैशबुक, ऑडिट रिपोर्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। उनका कहना है कि इन अभिलेखों के गायब होने से पंचायत के अनेक मामलों की पारदर्शिता प्रभावित हुई है और ग्रामीणों के हितों से जुड़े कई प्रश्न आज भी अनुत्तरित हैं।राठौर ने बताया कि इस गंभीर मामले को लेकर वे पूर्व में भी कई बार संबंधित अधिकारियों और विभागों को शिकायतें एवं आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में की गई विभागीय जांच निष्पक्ष नहीं थी, जिसके कारण वास्तविक तथ्यों का खुलासा नहीं हो सका। इसी वजह से उन्होंने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी या वरिष्ठ स्तर पर पुनः जांच कराने की मांग की है।उपसरपंच ने प्रशासन से दोषियों की जिम्मेदारी तय करने, गायब अभिलेखों की खोजबीन करने तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक ग्रामीणों को न्याय नहीं मिल पाएगा।जनसुनवाई में गले में आवेदनों की माला पहनकर पहुंचे उपसरपंच का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन लोगों और अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि मामले में लगाए गए आरोपों की प्रशासनिक पुष्टि एवं विस्तृत जांच अभी होना बाकी है।