नीमच। महेंद्र उपाध्याय। शहरवासियों को स्वच्छ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिका द्वारा “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत व्यापक स्तर पर पानी की गुणवत्ता जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नगर के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर पेयजल के सैंपलों की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि नागरिकों को सुरक्षित एवं मानक अनुरूप पानी उपलब्ध हो सके।इसी क्रम में शुक्रवार को नगर पालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया के निर्देशानुसार नगर पालिका की टीम वार्ड क्रमांक-15 पहुंची। केमिस्ट सुरेश पवार के नेतृत्व में टीम ने क्षेत्र के पेयजल स्रोतों से सैंपल लेकर मौके पर ही परीक्षण किया। जांच के दौरान पानी में मौजूद केमिकल्स और मिनरल्स की स्थिति का सूक्ष्म परीक्षण किया गया।नगर पालिका टीम द्वारा फिजिकल टेस्ट, पीएच टेस्ट,टीडीएस टेस्ट, क्लोरीन टेस्ट और टर्बिडिटी टेस्ट किए गए। वहीं विस्तृत एवं तकनीकी परीक्षण के लिए पानी के सैंपल प्रयोगशाला भी भेजे गए हैं। जांच के दौरान प्रारंभिक रिपोर्ट संतोषजनक पाई गई।केमिस्ट सुरेश पवार ने जानकारी देते हुए बताया कि जांच में पानी का टीडीएस स्तर 305 और क्लोरीन स्तर 0.5 पाया गया, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि शहर में यह अभियान पिछले चार-पांच दिनों से लगातार चलाया जा रहा है और आगामी दिनों में नगर के प्रत्येक वार्ड में इसी प्रकार पेयजल की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।नगर पालिका द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान शहरवासियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए नियमित जांच व्यवस्था को आवश्यक बताया।







