जल में योग से स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जिला तैराकी संघ की अनूठी पहल,खिलाड़ियों व अभिभावकों ने किया वॉटर योग
21 Jun 2026
मुख्य खबरें
नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को नीमच जिला तैराकी संघ द्वारा कनावटी स्थित निजी स्विमिंग पूल में वॉटर योग का विशेष आयोजन किया गया। तैराकी और योग के अनूठे समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम में खिलाड़ियों, अभिभावकों एवं संघ पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और अनुशासित जीवन का संदेश दिया।अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को विशेष रूप से मनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में योग और तैराकी को एक साथ जोड़कर अभिनव पहल की गई। ज्ञानोदय स्विमिंग एकेडमी के कोच रवि कुमार सोनी के मार्गदर्शन में स्विमिंग पूल के भीतर खिलाड़ियों एवं प्रतिभागियों ने विभिन्न वॉटर योग अभ्यास किए। जल में किए गए योगासन, संतुलन क्रियाएं और श्वास नियंत्रण संबंधी अभ्यास प्रतिभागियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। जल के भीतर योग करने का अनुभव सभी के लिए नया और प्रेरणादायक साबित हुआ।कार्यक्रम में नीमच जिला तैराकी संघ के अध्यक्ष अशोक मोदी, उपाध्यक्ष प्रकाश मंडवारिया, जिला सचिव तरुण ओझा, मास्टर नेशनल तैराक मोहन गेहलोत, राकेश बंसल, राजेश वर्मा ‘पप्पी’, विष्णु मोदी, रामगोपाल मोदी, अनिल सुराना, मुकेश चतुर्वेदी, भगवती प्रसाद, शरद पाटीदार तथा गौतम पटौदी सहित संघ के पदाधिकारी, खिलाड़ी और अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने योग को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।वॉटर योग के दौरान प्रतिभागियों ने जल में संतुलन, लचीलापन और श्वास नियंत्रण पर आधारित विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास किया। विशेषज्ञों के अनुसार तैराकी के साथ योग का संयोजन खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ मानसिक मजबूती और एकाग्रता विकसित करने में भी सहायक होता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिला तैराकी संघ ने यह विशेष आयोजन किया।संघ पदाधिकारियों ने कहा कि तैराकी केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम है। यदि प्रशिक्षण प्रक्रिया में योग को शामिल किया जाए तो खिलाड़ियों की प्रदर्शन क्षमता, मानसिक संतुलन और शारीरिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार संभव है। कार्यक्रम के माध्यम से खेल, योग और स्वास्थ्य को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए नियमित व्यायाम तथा सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। खिलाड़ियों और अभिभावकों की संयुक्त भागीदारी ने आयोजन को सामाजिक जागरूकता और स्वास्थ्य संवर्धन का स्वरूप प्रदान किया।