नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। शहर में चल रहे सिटी फोरलेन निर्माण कार्य को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। प्राइवेट बस स्टैंड के समीप स्थित प्राचीन माधवपुरी बालाजी मंदिर के कुछ हिस्से को तोड़े जाने की आशंका के चलते बुधवार रात बड़ी संख्या में बालाजी भक्त मंदिर परिसर में एकत्रित हुए और बैठक आयोजित कर विरोध जताया। श्रद्धालुओं ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मंदिर को पूरी तरह सुरक्षित रखने की मांग की।भक्तों का कहना है कि पूर्व में भी इस मामले को लेकर विरोध हुआ था। उस समय प्रस्तावित पुलिया निर्माण में मंदिर की ओर करीब 13 मीटर तक निर्माण बढ़ाने की बात सामने आई थी, जिसका विरोध करने पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया था कि मंदिर की “एक इंच” जमीन भी प्रभावित नहीं होगी। अब नई ड्राइंग में करीब 6 मीटर निर्माण मंदिर की ओर किए जाने की बात सामने आई है, जिससे श्रद्धालुओं में फिर नाराजगी फैल गई है।बैठक में मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि वर्तमान पुलिया पहले से ही सड़क की ओर पर्याप्त स्थान घेर चुकी हैऔर अब यदि मंदिर की ओर निर्माण बढ़ाया गया तो मंदिर तक पहुंचने का रास्ता प्रभावित होगा। श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्तमान में भी मंदिर तक पहुंचने के लिए नीचे उतरकर दर्शन करने पड़ते हैं और यदि और हिस्सा तोड़ा गया तो मंदिर की संरचना और आस्था दोनों को नुकसान पहुंचेगा।भक्तों ने यह भी कहा कि शहर में अन्य धार्मिक स्थलों को बचाते हुए वैकल्पिक निर्माण किया गया है,ऐसे में माधवपुरी बालाजी मंदिर को भी सुरक्षित रखते हुए पुलिया दूसरी ओर शिफ्ट की जाए। श्रद्धालुओं ने मंदिर को करीब 500 वर्ष पुराना बताते हुए इसे शहर की आस्था का प्रमुख केंद्र बताया।मौके पर पहुंचे ठेकेदार पक्ष के कर्मचारियों ने बताया कि पहले 13 मीटर निर्माण प्रस्तावित था, जिसे विरोध के बाद निरस्त कर नई ड्राइंग तैयार की गई है। फिलहाल 6-6 मीटर दोनों ओर निर्माण का प्रस्ताव है। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि अंतिम निर्णय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के निर्देशानुसार ही होगा। फिलहाल विवाद बढ़ने के चलते निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।अब पूरे मामले में जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







