नीमच।महेंद्र उपाध्याय। सेवा और संस्कार के कार्यों में अग्रणी भारत विकास परिषद शाखा नीमच द्वारा गुरुवार को महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी वीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बघाना स्थित वीर सावरकर प्रतिमा स्थल पर परिषद सदस्यों ने एकत्रित होकर माल्यार्पण किया तथा जयघोष के नारों के साथ उनका स्मरण किया। उल्लेखनीय है कि यह प्रतिमा भारत विकास परिषद परिवार द्वारा ही स्थापित करवाई गई थी।कार्यक्रम की शुरुआत परिषद सदस्यों द्वारा वीर सावरकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित सदस्यों ने “वीर सावरकर अमर रहें” के जयघोष लगाए और उनके राष्ट्रभक्ति से प्रेरित जीवन को याद किया।इस अवसर पर मनोज माहेश्वरी ने वीर सावरकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें महान क्रांतिकारी,स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक बताया। उन्होंने कहा कि सावरकर का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा,त्याग और संघर्ष का प्रतीक रहा है। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष जीतू शक्तावत ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को वीर सावरकर के विचारों और उनके देशप्रेम से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।संस्थापक अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने अपने संबोधन में ब्रिटिश शासन के खिलाफ वीर सावरकर के संघर्ष और कालापानी की कठोर सजा के दौरान झेली गई यातनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन अदम्य साहस और राष्ट्र समर्पण का अनुपम उदाहरण है।कार्यक्रम का संचालन मनोज माहेश्वरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष संदीप दरक ने माना। कार्यक्रम में कार्यकारी अध्यक्ष जीतू शक्तावत, संदीप दरक, पिंटू शर्मा, अशोक मंगल, संदीप खाबिया, शिखर जैन, मधुसूदन खंडेलवाल, मुकेश डबकरा, बनवारीलाल अग्रवाल, निमिष चेलावत, राजेश जायसवाल, रूपेश जाधव, डॉ. स्वप्निल वधवा, स्वप्नेश मंडोवरा, हिम्मत सिंह चंद्रावत, सुनीश चौरडिया, प्रशांत मित्तल, विश्वास खंडेलवाल, सुशील गट्टानी, राजेश गट्टानी, संजय डांगी, पंकज दुबे सहित बड़ी संख्या में परिषद सदस्य उपस्थित रहे।







