नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।मनासा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस और सत्ता पक्ष के बीच टकराव अब खुलकर सड़क पर आ गया है। गुरुवार दोपहर गांधी भवन जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित तीखी प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन और स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए साफ कहा कि मनासा में लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है।प्रदर्शन की अनुमति निरस्त होने से नाराज कांग्रेस ने इसे सत्ता के दबाव में लिया गया निर्णय बताते हुए आने वाले दिनों में बड़े जनआंदोलन की चेतावनी दी है।प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने कहा कि मनासा में विपक्ष की आवाज को दबाने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं, किसानों और आम जनता पर झूठे मुकदमे दर्ज कर भय का माहौल बनाया जा रहा है।नाहटा ने कहा कि जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनीष पोरवाल पर दर्ज प्रकरण, खिमला प्लांट की अवैध गतिविधियों का विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा द्वारा की गई शिकायत के विरोध में कांग्रेस ने 29 मई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन और पुलिस थाने के घेराव का कार्यक्रम तय किया था।उन्होंने कहा कि प्रशासन की आपत्ति के बाद कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन की जगह शांतिपूर्ण आमसभा और ज्ञापन सौंपने का निर्णय लेते हुए नया आवेदन भी दिया, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। नाहटा ने आरोप लगाया कि यह फैसला स्थानीय विधायक माधव मारू के दबाव में लिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रही है और किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है।पूर्व मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि अब यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। जल्द ही नई तारीख घोषित कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मौजूदगी में मनासा में विशाल जनआंदोलन किया जाएगा,जिसमें हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे।वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने भी बेहद आक्रामक अंदाज में भाजपा और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनासा विधानसभा क्षेत्र अपराध, भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों का गढ़ बन चुका है। बाहेती ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में करोड़ों रुपए के जमीन घोटाले, अवैध हथियार फैक्ट्रियां और युवाओं को बर्बादी की ओर धकेलने वाली एमडी ड्रग्स फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। इसके बावजूद प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय राजनीतिक दबाव में चुप बैठा है।उन्होंने कहा कि अवैध रेत उत्खनन और बिना अनुमति काटी जा रही कॉलोनियों को भी संरक्षण दिया जा रहा है। बाहेती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के आंदोलनों में उमड़ रही भीड़ और जनता के समर्थन से भाजपा नेताओं में घबराहट है। इसी कारण विपक्ष को रोकने के लिए प्रशासन का उपयोग किया जा रहा है।जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ नीमच जिले में ही धारा 144 क्यों लगाई गई,उन्होंने कहा कि यह कदम जनता और विपक्ष की आवाज दबाने के उद्देश्य से उठाया गया है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो अधिकारी सत्ता के दबाव में काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ भी समय आने पर प्रमाणों के साथ खुलासा किया जाएगा।प्रेसवार्ता में ब्लॉक अध्यक्ष श्याम सोनी,पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोरमा मूंदड़ा,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रामप्रसाद कसेरा,पार्षद सत्यनारायण लक्षकार सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अब यह लड़ाई सिर्फ अनुमति की नहीं,बल्कि लोकतंत्र और जनता की आवाज बचाने की लड़ाई बन चुकी है।







