नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। कांग्रेस ने शुक्रवार को गांधी भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र और राज्य सरकार पर परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे कथित घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर 9 अगस्त तक जिलेभर में “छात्रों की गूंज” जनजागरण अभियान चलाएगी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी तक आंदोलन जारी रखेगी।प्रेस वार्ता में बाहेती ने कहा कि NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं के कारण देशभर के लाखों छात्र-छात्राएं प्रभावित हुए हैं। उनका आरोप था कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और मानसिक दबाव के चलते कई अभ्यर्थियों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने इन घटनाओं को बेहद गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। कोटा, इंदौर जैसे कोचिंग केंद्रों में पढ़ाई, हॉस्टल और अन्य खर्चों पर लाखों रुपये खर्च होते हैं। कई परिवार कर्ज लेकर या संपत्ति गिरवी रखकर बच्चों को पढ़ाते हैं। ऐसे में यदि पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी होती है तो इसका सबसे अधिक नुकसान छात्रों और उनके परिवारों को उठाना पड़ता है।मध्यप्रदेश के संदर्भ में बाहेती ने व्यापमं,पटवारी भर्ती, नर्सिंग कॉलेज, आरक्षक भर्ती और शिक्षक पात्रता परीक्षा जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि इन मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है और सरकार दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस देशभर में युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में “छात्रों की गूंज” अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत नीमच जिले में भी 9 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, अभिभावकों और युवाओं को शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जागरूक किया जाएगा।कांग्रेस ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए। साथ ही NEET परीक्षा मामले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का पुनर्गठन अथवा उसे भंग किया जाए, मानसिक अवसाद के कारण जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए तथा दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा पटवारी और नर्सिंग घोटालों के दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा पेपर लीक रोकने के लिए कठोर गैर-जमानती कानून और निश्चित भर्ती कैलेंडर लागू करने की भी मांग की गई।प्रेस वार्ता में पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौरसिया, बृजेश सक्सेना, मुकेश कालरा, डॉ. पृथ्वी सिंह वर्मा, आशा सांभर, मनमोहन सिंह, मोनू लोक्स, बलवंत पाटीदार, हिदायतुल्ला खान, रमेश कदम, मनोहर अंब एवं भगत वर्मा सहित कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







