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भ्रष्टाचार के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता ने सौंपा “नागरिकता त्याग”आवेदन, जनसुनवाई में मचा राजनीतिक हलचल

Mahendra Upadhyay
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नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित मंगलवार जनसुनवाई के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी ने भ्रष्टाचार के विरोध में अनोखा प्रदर्शन करते हुए सांकेतिक रूप से अपना “नागरिकता हस्तांतरण एवं त्यागपत्र” आवेदन कलेक्टर को सौंपा। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े पंकज तिवारी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि जनपद जावद अध्यक्ष गोपाल चारण लोकायुक्त कार्रवाई में रंगे हाथों पकड़े जाने के बावजूद अब तक पद पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद भी संबंधित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होना शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।तिवारी ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया कि थडोद पंचायत में सरपंच एवं सचिव पर सरकारी राशि के गबन और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे, लेकिन इसके बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि पंचायत अधिनियम की धारा 40 के तहत संबंधित जनप्रतिनिधियों को तत्काल पद से हटाकर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि जब भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई नहीं होती तो आम जनता का लोकतंत्र, संविधान और प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ता है। इसी के विरोध में उन्होंने सांकेतिक रूप से “नागरिकता त्याग” का आवेदन देकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।पंकज तिवारी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है। यदि भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद पदों पर बने रहने की छूट मिलती रही तो इससे जनता में गलत संदेश जाएगा।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण तथा थडोद पंचायत के सरपंच और सचिव को तत्काल पद से हटाकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही पंचायत स्तर पर पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता का लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास कायम रह सके।जनसुनवाई में दिए गए इस अनोखे आवेदन को लेकर दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।

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