नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। जिले में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर गो माता को राष्ट्रीय पशु एवं “राष्ट्रमाता” घोषित करने की मांग उठाई है। ज्ञापन में गौ संरक्षण के लिए देशभर में कठोर केंद्रीय कानून बनाए जाने की भी मांग की गई।ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गाय का विशेष महत्व है। समाजजनों ने उल्लेख किया कि भारतीय जनमानस में गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि पूजनीय माता के रूप में मानी जाती है,इसलिए उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए।
ज्ञापन में राष्ट्रपति महोदया से मांग की गई कि पूरे देश में गौ हत्या पर प्रभावी रोक लगाने एवं गौ-तस्करी को नियंत्रित करने के लिए एक समान और कठोर केंद्रीय कानून लागू किया जाए। साथ ही भारतीय नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष राष्ट्रीय योजना बनाई जाए तथा पर्याप्त चारागाह और देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।समाज प्रतिनिधियों ने कहा कि गौवंश संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि भारतीय कृषि व्यवस्था और ग्रामीण जीवन से भी जुड़ा हुआ है।उनका मानना है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने से भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता को मजबूती मिलेगी।ज्ञापन में यह भी कहा गया कि देश में बढ़ती गौ-तस्करी और गौवंश की उपेक्षा को देखते हुए केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। समाजजनों ने राष्ट्रपति से जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों द्वारा सौंपे गए इस ज्ञापन को लेकर दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा। ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपते हुए समाजजनों ने गौ संरक्षण को राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता देने की मांग दोहराई।इस दौरान भूरा कुरेशी,सलीम खान सदर शेख सैयद पठान कमेटी अध्यक्ष,जावेद दुर्रानी , इरफान भाई,वसीम कुरैशी, मुन्ना कुरैशी,अली,आशु,सहित अन्य मौजूद रहे।
मुस्लिम समाज ने गो माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठाई मांग,राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन







