नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था बी.आर.फाउंडेशन द्वारा शुक्रवार को नीमच शहर में पर्यावरण संरक्षण एवं पक्षी संरक्षण को लेकर विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया। संस्था ने अंबेडकर चौराहा पर आम नागरिकों को निःशुल्क सकोरे एवं पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई।अभियान के तहत संस्था के सदस्यों ने शहर के विभिन्न सार्वजनिक एवं प्रशासनिक स्थलों जैसे एसपी कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय, सीआरपीएफ कैंपस,केंट थाना तथा गांधी वाटिका सहित कई स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी से भरे सकोरे स्थापित किए। भीषण गर्मी के बीच पक्षियों की प्यास बुझाने की इस पहल को लोगों ने सराहा और संस्था के कार्यों की प्रशंसा की।इस अवसर पर संस्था द्वारा विभिन्न प्रजातियों के फूलों एवं पौधों के बीज भी वितरित किए गए,ताकि शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संतुलन को मजबूत किया जा सके। संस्था के पदाधिकारियों ने नागरिकों को जल संरक्षण,वृक्षारोपण एवं जैव विविधता संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी।संस्था के संस्थापक कृष्ण परिहार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए,बल्कि इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर,विद्यालय,कार्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में पौधे लगाकर और उनकी देखभाल कर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। साथ ही गर्मी के दिनों में पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना भी मानवीय संवेदनशीलता का परिचायक है।उन्होंने बताया कि बी.आर.फाउंडेशन पिछले सात वर्षों से शिक्षा,स्वास्थ्य, रोजगार एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रही है।संस्था का उद्देश्य समाज में सेवा, संवेदनशीलता और जागरूकता को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम में संस्था के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट नरेंद्र मालवीय, सुनील जड़ोलिया, प्रदेश महासचिव बलवंत तंवर, जिला अध्यक्ष आयुषी अरोरा,जिला उपाध्यक्ष कमलेश पिछोलिया, महासचिव सुनील सोलंकी, जिला संगठन मंत्री प्रकाश बामनिया,सचिव रेखा चौधरी,तहसील अध्यक्ष अंतिम सेन,संजना घारू, समरथ मालवीय,नितिन धावरी,दीपक अहिरवार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







