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तीन माह का मानदेय अटका, पोर्टल समस्याओं से जूझ रहे आईसीटी कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर;3 मुख्य मांगो को लेकर कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन

Mahendra Upadhyay
3 Min Read
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।जिले के आईसीटी (ICT) कंप्यूटर इंस्ट्रक्टरों ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग एवं लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा संचालित व्यवस्थाओं में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कार्यरत आईसीटी कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर पिछले तीन वर्षों से विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करने, आईसीटी लैब संचालन, शिक्षकों एवं छात्रों को तकनीकी प्रशिक्षण देने तथा विभिन्न शासकीय पोर्टलों पर डेटा संधारण सहित अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।इंस्ट्रक्टरों ने बताया कि एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर एसएसएस-2 आईटी पैनल दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा मार्च और अप्रैल 2026 का मानदेय अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। उन्होंने पूर्व सत्रों के अनुभव प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए आवश्यक विकल्प उपलब्ध कराने की भी मांग की।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में प्रति माह मिलने वाली एक आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) की सुविधा एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर प्रदर्शित नहीं हो रही है। वहीं पुनः ज्वाइनिंग, सेवा अवधि, कार्यभूमिका, अनुभव एवं अन्य सेवा संबंधी विषयों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने से प्रदेशभर के आईसीटी कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर असमंजस की स्थिति में हैं।प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन समस्याओं के कारण शासकीय कार्यों के निष्पादन में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं तथा कर्मचारियों को मानसिक तनाव और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान कराया जाए, पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर किया जाए तथा सेवा संबंधी स्पष्ट और एकरूप दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। मॉडल स्कूल नीमच के आईसीटी इंस्ट्रक्टर लक्ष्मण राठौड़ ने बताया कि वर्तमान में इंस्ट्रक्टरों को वर्ग-2 से वर्ग-3 में कर दिया गया है, जबकि उन्हें पूर्ववत वर्ग-2 में ही रखा जाए। दूसरी मांग तीन वर्षों की सेवा अवधि के अनुभव अंक अतिथि शिक्षकों की तरह जोड़े जाने की है। वहीं तीसरी प्रमुख मांग 14 हजार रुपये मासिक मानदेय में वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई में वर्तमान मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। जिले में करीब 50 से 60 तथा प्रदेश में लगभग 4 हजार आईसीटी इंस्ट्रक्टर प्रभावित हैं।

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