नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। मनासा के प्रॉपर्टी कारोबारी मोइउद्दीन मंसुरी बुधवार को अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने एसपी को ज्ञापन सौंपकर कथित धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई की मांग की। मंसुरी का आरोप है कि कॉलोनी में निवेश और हिस्सेदारी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपए की राशि ली गई, लेकिन अब तक न तो निवेश की सही जानकारी दी गई और न ही उनकी राशि लौटाई गई।पीड़ित ने आरोप लगाया कि डॉ.अनवर मेवाती और बबलू शेख ने उन्हें शालीमार कॉलोनी में हिस्सेदारी दिलाने का भरोसा देकर 41 लाख 40 हजार रुपए का निवेश कराया था। इस राशि की व्यवस्था के लिए उन्होंने अपने पिता से आर्थिक सहायता ली,दो प्लॉट बेचे और यहां तक कि अपना मकान भी बेच दिया। बाद में उन्हें पता चला कि कॉलोनी के सौदे और हिस्सेदारी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां उनसे छिपाई गई थीं।मंसुरी का कहना है कि जब उन्होंने अपनी मूल राशि और मुनाफे का हिसाब मांगा तो उन्हें लगातार टालमटोल किया गया। इससे वे आर्थिक रूप से टूट गए और मानसिक तनाव का सामना करने लगे। उनका आरोप है कि लंबे समय तक न्याय नहीं मिलने के कारण उन्होंने 16 फरवरी 2026 को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास भी किया था। हालांकि समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई। उन्होंने दावा किया कि घटना से संबंधित वीडियो और सुसाइड नोट भी उनके पास मौजूद हैं।पीड़ित ने बताया कि इस मामले में वह पहले भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्होंने दूसरी बार एसपी कार्यालय पहुंचकर आवेदन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।मंसुरी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन को पांच दिन का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह परिवार सहित एसपी कार्यालय के बाहर धरना देने को मजबूर होंगे।







