नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। आज के दौर में जहां लोगों का भरोसा लगातार कम होता जा रहा है, वहीं नीमच में एक गरीब महिला ने अपनी ईमानदारी से समाज के सामने मिसाल पेश की है। बामनबड़ी निवासी रेखा नायक,सागर मंथन जो बस स्टैंड पर चाय का ठेला लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं, ने लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग उसके मालिक को सुरक्षित लौटाकर मानवता और ईमानदारी का परिचय दिया।जानकारी के अनुसार अजमेर जिले के इयालियां गांव निवासी लादूराम गुर्जर अपने परिवार के मायरा कार्यक्रम में शामिल होने गांधीसागर जा रहे थे। वे अजमेर से ट्रेन द्वारा नीमच पहुंचे और बस स्टैंड पर चाय-नाश्ता करने के दौरान आभूषणों से भरा अपना बैग रेखा नायक के ठेले पर ही भूल गए। बैग में सोने और चांदी के कीमती आभूषण रखे हुए थे।सागर मंथन रेखा नायक को जब बैग मिला तो उन्होंने उसे सुरक्षित रख लिया। दुकान बंद करने के बाद भी उन्होंने बैग अपने पास सुरक्षित रखा ताकि कोई अन्य व्यक्ति उसे ले न जाए। बाद में थाने पर सम्पर्क होने पर उन्होंने बैग के मालिक को सूचना दी और उन्हें कोतवाली थाने बुलाकर पुलिस की मौजूदगी में पूरा बैग सुरक्षित सौंप दिया।बैग वापस मिलने पर लादूराम गुर्जर ने रेखा नायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसी ईमानदारी बहुत कम देखने को मिलती है। उन्होंने सागर मंथन से कहा कि गरीब परिवार से होने के बावजूद रेखा नायक ने लालच में आए बिना पूरा सामान लौटा दिया, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने प्रशासन और समाज से ऐसी ईमानदार महिलाओं को सम्मानित करने की भी मांग की, ताकि अन्य लोगों को भी ईमानदारी की प्रेरणा मिल सके।वहीं रेखा नायक ने बेहद सादगी से कहा कि उन्हें किसी की मेहनत की कमाई नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, “हम मेहनत करके कमाते हैं, फोकट का किसी का सामान नहीं चाहिए। इसलिए बैग सुरक्षित रखकर उसके मालिक को लौटा दिया।”रेखा नायक की इस ईमानदारी की पूरे शहर में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे उदाहरण समाज में विश्वास और मानवता को मजबूत करते हैं तथा ईमानदारी का संदेश देने का काम करते हैं।







