नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। मध्यप्रदेश पुलिस को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में नीमच पुलिस ने एक ऐसी अभिनव पहल की है, जो भविष्य में पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन सकती है।पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सुशासन और नवाचार के विजन को साकार करते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने जिले में ‘पुलिस जन-फीडबैक QR कोड सिस्टम’ लॉन्च किया है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से अब पुलिस थानों और कार्यालयों में आने वाला प्रत्येक फरियादी अपने मोबाइल फोन से QR कोड स्कैन कर पुलिस के व्यवहार, कार्यप्रणाली, शिकायत के निराकरण, पारदर्शिता और सेवा की गुणवत्ता को लेकर सीधे अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकेगा। खास बात यह है कि यह फीडबैक सीधे पुलिस प्रशासन तक पहुंचेगा, जिससे आमजन की वास्तविक राय के आधार पर पुलिस व्यवस्था में लगातार सुधार किया जा सकेगा। रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी राजेश व्यास ने इस महत्वाकांक्षी पहल की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतते हुए संवेदनशील,जवाबदेह और सेवा-भाव से कार्य करने वाली पुलिस व्यवस्था विकसित करना भी है। उन्होंने बताया कि QR आधारित यह जन-फीडबैक सिस्टम पुलिस और जनता के बीच संवाद का मजबूत माध्यम बनेगा। इसकी मॉनिटरिंग सीधे एसपी कार्यालय से की जाएगी। यदि किसी शिकायत या सुझाव की प्राप्ति होती है तो संबंधित शिकायतकर्ता से फोन पर संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी तथा त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं पुलिस के अच्छे व्यवहार और उत्कृष्ट कार्य की भी नागरिक खुलकर सराहना कर सकेंगे, जिससे बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल भी बढ़ेगा।एसपी राजेश व्यास ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास को और मजबूत करना है। पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग को भी प्राथमिकता देगी।







