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रहस्यमयी गुमशुदगी का दर्दनाक अंत: सात दिन बाद जंगल में मिला युवती का कंकाल, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

Mahendra Upadhyay
4 Min Read

नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम सालरमाला निवासी युवती जानीबाई की रहस्यमयी गुमशुदगी का मामला अब एक दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सात दिन से लापता युवती का कंकाल गांधीसागर क्षेत्र के जंगल में मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने दोषियों की गिरफ्तारी तथा कथित पुलिस लापरवाही के विरोध में नीमच-झालावाड़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सालरमाला निवासी गोपाल पिता लिंबाजी ने 12 जून को अपनी पुत्री जानीबाई को उसके ससुराल रावतभाटा भेजने के लिए बस में बैठाया था। पिता ने बाकायदा रावतभाटा तक का टिकट दिलवाया और बस कंडक्टर को भी उसे सुरक्षित उतारने की जिम्मेदारी सौंपी थी।यात्रा के दौरान गांधीसागर तक परिजनों का युवती से मोबाइल पर संपर्क बना रहा, लेकिन इसके बाद अचानक उसका फोन बंद हो गया और उससे संपर्क पूरी तरह टूट गया।जब परिजनों ने रावतभाटा स्थित ससुराल पक्ष से संपर्क किया तो पता चला कि जानीबाई वहां पहुंची ही नहीं थी। इसके बाद परिवार के लोगों ने रावतभाटा सहित आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बढ़ती चिंता के बीच परिजनों ने रामपुरा थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई और अपहरण अथवा अनहोनी की आशंका जताई।परिजनों का आरोप है कि तलाश के दौरान गांधीसागर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर गांव का ही एक युवक बल्लू अपनी मोटरसाइकिल से उस बस का पीछा करता दिखाई दिया,जिसमें जानीबाई सफर कर रही थी। इस आधार पर परिवार ने 13 जून को ही पुलिस को उक्त युवक के संबंध में जानकारी देते हुए संदेह व्यक्त किया था। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते संदिग्ध से सख्ती से पूछताछ करती और मामले को गंभीरता से लेती तो शायद युवती की जान बच सकती थी।गुमशुदगी के सात दिन बाद 19 जून को पुलिस परिजनों को गांधीसागर के समीप एक सुनसान जंगल क्षेत्र में ले गई, जहां एक मानव कंकाल, कुछ कपड़े और एक पैर की पायजेब बरामद हुई। मौके पर मौजूद परिजनों ने कपड़ों और पायजेब के आधार पर उसकी पहचान जानीबाई के रूप में की। जंगल में कंकाल मिलने की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और नीमच-झालावाड़ मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। मृतका के पिता गोपाल ने रोते हुए आरोप लगाया कि पुलिस की धीमी कार्यप्रणाली के कारण उनकी बेटी की जान चली गई। ग्रामीणों ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं होगी तो लोगों का कानून व्यवस्था पर से विश्वास उठ जाएगा चक्काजाम और बढ़ते जनआक्रोश की सूचना मिलते ही प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीओपी निकिता सिंह,थाना प्रभारी तथा अन्य अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बताया कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर गहन जांच की जा रही है तथा एक संदिग्ध युवक को राउंडअप कर पूछताछ की जा रही है।फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। वहीं इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि युवती की गुमशुदगी के बाद पुलिस ने कितनी तत्परता से कार्रवाई की,संदिग्ध के संबंध में मिली जानकारी पर क्या कदम उठाए गए और सात दिनों के भीतर युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई। इन सभी सवालों के जवाब अब जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेंगे।

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