नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। देशभर में अनोखे और व्यापक जनजागरण अभियान के रूप में चल रहा “गौ सम्मान आव्हान अभियान” इन दिनों जोर पकड़ता जा रहा है। इस अभियान की सबसे विशेष बात यह है कि यह किसी राजनीतिक दल या संगठन के बैनर तले नहीं, बल्कि स्वयं नंदी बाबा को अध्यक्ष और गौमाता को संरक्षक मानकर संतों के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। बीते पांच महीनों से निरंतर चल रहे इस अभियान का उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और अधिकार दिलाना है।आगामी 27 अप्रैल को इस अभियान के तहत पूरे भारत की 5,410 तहसीलों में एक ही समय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम पत्र सौंपे जाएंगे। इस महामुहिम को लेकर नीमच जिले की सभी 6 तहसीलों में पिछले तीन महीनों से गौ सेवक, गौ रक्षक और गौभक्त गांव-गांव और शहर-शहर जाकर हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं।इसी क्रम में गुरुवार को नीमच शहर के 40 नंबर चौराहे पर भी अभियान चलाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर गौमाता के सम्मान में अपने हस्ताक्षर किए। उपस्थित लोगों ने 27 अप्रैल को होने वाली रैली,आंदोलन और ज्ञापन अभियान में शामिल होने की सहमति भी दी। अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि हजारों हस्ताक्षर एकत्र कर इन्हें ज्ञापन के साथ संलग्न किया जाएगा,ताकि सागर मंथन जन भावना को मजबूती से शासन तक पहुंचाया जा सके।इस अभियान की प्रमुख मांगों में गौमाता के लिए उचित अनुसंधान और अनुदान की व्यवस्था, पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध तथा गौमाता को “राष्ट्र माता” का दर्जा देने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। खास बात यह भी है कि इस अभियान में किसी प्रकार का चंदा या सहयोग राशि नहीं ली जा रही,बल्कि यह पूर्णतः जनजागरण पर आधारित पहल है।संतों के नेतृत्व और नंदी बाबा की अध्यक्षता में चल रहा यह अभियान अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है, सागर मंथन जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। आयोजकों का कहना है कि उनका एकमात्र उद्देश्य देशभर में गौमाता को सम्मान और अधिकार दिलाना है।







