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नपा परिषद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर हंगामा: अध्यक्ष ने विपक्ष पर साधा निशाना,नेता प्रतिपक्ष ने बताया “प्रोपोगंडा”शोर गुल के बीच बहुमत के आधार पर निंदा प्रस्ताव पारित

Mahendra Upadhyay
4 Min Read
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।नगर पालिका परिषद की बुधवार शाम बांग्ला नंबर 60 स्थित पुरानी नपा भवन में आयोजित विशेष सम्मेलन उस समय हंगामे में बदल गया, जब “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के क्रियान्वयन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआत में कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा, जहां नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने एल्डरमैन सदस्यों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। लेकिन जैसे ही परिषद की कार्यवाही शुरू हुई और एकमात्र विषय—नारी शक्ति वंदन अधिनियम—पढ़ा गया, कांग्रेस पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।कांग्रेस पार्षद हाथों में तख्तियां लेकर महिलाओं के सम्मान और स्थानीय मुद्दों को लेकर नारेबाजी करने लगे। जवाब में भाजपा पार्षदों ने भी जोरदार नारे लगाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हंगामे के बीच बहुमत के आधार पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन पर निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया गया। इस दौरान पार्षदों के बीच झूमाझटकी की स्थिति भी बनी। कांग्रेस की महिला पार्षद कविता लोक्स सहित अन्य पार्षद अध्यक्ष की आसंदी तक पहुंच गईं, जिन्हें भाजपा पार्षद किरण शर्मा ने नीचे उतारा। कुछ समय के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जिसे अन्य पार्षदों ने बीच-बचाव कर शांत कराया।
इसी दौरान अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष प्रतिनिधि करण सिंह परमार एवं पुलवामा हमले में शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि देने की घोषणा की। मौन के बाद बैठक समाप्त कर दी गई।नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने निंदा प्रस्ताव पारित होने की पुष्टि करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “विपक्ष देश का दुर्भाग्य है, जिसने महिलाओं के साथ अन्याय किया है। 2023 में पारित बिल में स्पष्ट था कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम परिसीमन के बाद लागू होगा, लेकिन कांग्रेस अब भ्रम फैलाकर विरोध कर रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को केवल अपनी सीटों के घटने का डर है, इसलिए वह महिलाओं के हितों के खिलाफ खड़ी हो रही है। उन्होंने परिसीमन को लेकर भी कहा कि 2001 में 25 वर्षों के लिए इसे स्थगित किया गया था, जो 2026 में समाप्त होगा, इसके बाद ही प्रक्रिया संभव है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति ने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि “यह पूरा मामला प्रोपोगंडा है। भाजपा बिना परिसीमन के महिला आरक्षण लागू करने की बात कर रही है, जबकि कांग्रेस शुरू से ही 543 सीटों पर आरक्षण लागू करने के पक्ष में रही है।” उन्होंने कहा कि नगरपालिका में इस विषय पर चर्चा करना केवल दिखावा है और असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है।प्रजापति ने शहर की मूलभूत समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि “महिलाएं आज भी पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही हैं। पहले उन्हें ये सुविधाएं उपलब्ध कराना ही असली सम्मान होगा।”उन्होंने कांग्रेस की ओर से महिलाओं को दिए गए ऐतिहासिक अधिकारों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी हमेशा महिला सशक्तिकरण के पक्ष में रही है।कुल मिलाकर,नपा परिषद का यह सम्मेलन नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे की भेंट चढ़ गया।

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