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15 साल की तपस्या लाई रंग, नीमच के अरबाज खान बने मिस्टर इंडिया; लुधियाना में जीता ‘चैंपियन ऑफ चैंपियंस’ का ताज,मीडिया के समक्ष रखा आगमी लक्ष्य

Mahendra Upadhyay
4 Min Read
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।मध्यप्रदेश के नीमच जिले के लिए गर्व का क्षण उस समय आया जब शहर के युवा बॉडी बिल्डर अरबाज खान ने पंजाब के लुधियाना में आयोजित 15वीं फेडरेशन कप मेंस बॉडी बिल्डिंग एंड स्पोर्ट्स फिजिक्स तथा वुमेन मॉडल फिजिक चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए मिस्टर इंडिया और चैंपियन ऑफ चैंपियंस का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया। गुरुवार को नीमच के लाइन डैम स्थित परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में अरबाज खान ने अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं को साझा किया।लुधियाना के अंबेडकर भवन में 12 एवं 13 जून को आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन इंडियन बॉडी बिल्डर्स फेडरेशन (IBBF) एवं पंजाबी अमेच्योर बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। प्रतियोगिता में देश के 29 राज्यों से आए सैकड़ों पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। मेंस बॉडी बिल्डिंग, स्पोर्ट्स फिजिक्स और वुमेन मॉडल फिजिक जैसी विभिन्न श्रेणियों में हुए मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस, अनुशासन और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।पत्रकार वार्ता में अरबाज खान ने बताया कि वह तीसरी बार इस प्रतियोगिता में भाग लेने लुधियाना पहुंचे थे। इससे पहले दो बार उन्हें सफलता नहीं मिल सकी थी, लेकिन इस बार उन्होंने पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ मंच पर उतरकर देशभर के दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने सागर मंथन से कहा कि “मिस्टर इंडिया बनना मेरा सपना था और आज वह सपना साकार हुआ है। मेरा लक्ष्य अब साउथ एशिया, एशिया और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन करना है।”अरबाज ने बताया कि यह जीत केवल एक खिताब नहीं बल्कि 15 वर्षों की कठिन साधना, अनुशासन और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने सागर मंथन से कहा कि प्रतिदिन 3 से 5 घंटे जिम में कड़ी मेहनत, नियंत्रित खान-पान और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।इस उपलब्धि के पीछे एक भावनात्मक संघर्ष भी जुड़ा रहा। अरबाज ने सागर मंथन को बताया कि जिस दिन उन्हें प्रतियोगिता के लिए रवाना होना था, उसी दिन उनकी माता का ऑपरेशन हुआ था।ऑपरेशन के लगभग एक घंटे बाद ही उन्हें नीमच से लुधियाना के लिए निकलना पड़ा। मां की चिंता और अपने सपने के बीच कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मानसिक मजबूती बनाए रखी और प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर खिताब जीत लिया।उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर योग,व्यायाम और फिटनेस को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उनका मानना है कि खेल और फिटनेस ही युवाओं को स्वस्थ और सकारात्मक दिशा दे सकते हैं।गौरतलब है कि इस चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश की टीम से अरबाज खान के साथ राजीव साहू, बनवारी गुर्जर, अफराज खान और पुष्पेंद्र ठाकुर का भी चयन हुआ था। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करना और नशे से दूर रखने का संदेश देना था।पत्रकार वार्ता के दौरान बॉडीबिल्डिंग एंड फिजिक स्पोर्ट्स एसोसिएशन, नीमच के सदस्य एवं पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. साजिद खान, नकुल सराफ, विक्की छाबड़ा, अनुराग व्यास, अर्जुन पंडित एवं महबूब खान ने अरबाज खान की उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे नीमच जिले के लिए गौरव का विषय बताया।

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