नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत सोमवार को नीमच सहित पूरे देश में एक साथ व्यापक जनआंदोलन देखने को मिला। गौभक्तों, गौसेवकों, संत समाज और आम नागरिकों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। नीमच में संयुक्त तहसील भवन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को दिया गया।
इस दौरान शहर में रोटरी भवन से संयुक्त तहसील भवन तक भव्य पैदल मार्च निकाला गया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए लोगों ने गोवंश संरक्षण के समर्थन में नारे लगाए और गौमाता के सम्मान में अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। अभियान के तहत जिले की सभी तहसीलों में भी इसी प्रकार कार्यक्रम आयोजित किए गए।ज्ञापन में प्रमुख रूप से देशी गोवंश को “राष्ट्रमाता” एवं “राष्ट्र आराध्या” का संवैधानिक दर्जा देने की मांग की गई है। साथ ही केंद्र स्तर पर “गोसेवा मंत्रालय” की स्थापना, पूरे देश में एकीकृत गो संरक्षण कानून लागू करने तथा गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात भी प्रमुखता से उठाई गई। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि तस्करी, सड़क दुर्घटनाओं और उचित संरक्षण के अभाव में देशी गायों की संख्या लगातार घट रही है, जिसे रोकने के लिए ठोस नीति और कड़े कानून जरूरी हैं।
ज्ञापन के साथ करीब 11 हजार से अधिक गोभक्तों के हस्ताक्षरयुक्त समर्थन पत्र भी प्रशासन को सौंपे गए, जो इस अभियान के प्रति जनसमर्थन को दर्शाते हैं। इसके अलावा गोवंश तस्करी को गैर-जमानती अपराध घोषित करने, हर ग्राम पंचायत में नंदीशाला स्थापित करने, जिला स्तर पर गो अभ्यारण्य बनाने, राजमार्गों पर गो एम्बुलेंस सुविधा शुरू करने, चारा सुरक्षा कानून लागू करने तथा शिक्षा प्रणाली में गो-विज्ञान को शामिल करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी रखी गईं।इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि यह किसी राजनीतिक दल या संगठन के बैनर तले नहीं चल रहा, बल्कि संत समाज के मार्गदर्शन में “नंदी बाबा” को अध्यक्ष और “गौमाता” को संरक्षक मानकर संचालित किया जा रहा है। पूरी तरह जनसहभागिता और जनजागरण पर आधारित इस पहल में किसी प्रकार का चंदा या सहयोग राशि नहीं ली जा रही।पिछले पांच महीनों से निरंतर चल रहे इस अभियान ने अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया है। देशभर की 5,410 तहसीलों में एक ही दिन ज्ञापन सौंपने की योजना के तहत यह अभियान संगठित रूप से आगे बढ़ रहा है। नीमच जिले की सभी छह तहसीलों में भी पिछले तीन महीनों से गांव-गांव और शहर-शहर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था से जुड़ा विषय है। उनका उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और अधिकार दिलाना है। संतों के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान अब देशव्यापी जनचेतना का प्रतीक बनता जा रहा है, जो आने वाले समय में और अधिक व्यापक रूप ले चुका है।
देशभर में गूंजा ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’:गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’का दर्जा देने सहित कई मांगों को लेकर सोपा मांग पत्र,निकाली रैली







