नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। ईपीएस-95 पेंशनर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बुधवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर पेंशन बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में ईपीएस-95 पेंशनरों को बेहद कम पेंशन मिल रही है, जिससे उनका जीवनयापन कठिन हो गया है।समिति ने बताया कि कई पेंशनरों को मात्र 1000 रुपये या उससे भी कम पेंशन मिल रही है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वृद्धावस्था में दवाइयों,भोजन और अन्य सागर मंथन आवश्यकताओं की पूर्ति करना मुश्किल हो रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ईपीएस-95 योजना के अंतर्गत वर्षों तक सेवा देने के बावजूद पेंशन राशि सम्मानजनक जीवन के लिए पर्याप्त नहीं है।पेंशनर संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की है कि न्यूनतम पेंशन 7500 रुपये प्रतिमाह की जाए तथा इसके साथ महंगाई भत्ता भी दिया जाए। इसके अलावा सभी पेंशनरों एवं उनके सागर मंथन जीवनसाथी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जिन कर्मचारियों को ईपीएस-95 योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें भी न्यूनतम 5000 रुपये पेंशन प्रदान की जाए।समिति ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि पेंशनरों को उनका उचित अधिकार मिलना चाहिए और इस दिशा में केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में पेंशनर उपस्थित रहे। उन्होंने सरकार से मांग की कि आगामी कैबिनेट बैठक में इस विषय को शामिल कर शीघ्र राहत प्रदान की जाए, ताकि बुजुर्ग पेंशनरों को सम्मानजनक जीवन मिल सके।







