नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। रीवा में हुई साध्वी दुर्घटना की घटना के विरोध में सोमवार को नीमच में सकल जैन समाज ने वाहन रैली निकालकर साधु-संतों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। पारसनाथ दिगंबर जैन समाज नीमच के तत्वावधान में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। ज्ञापन जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार संजय मालवीय को सौंपा गया।कार्यक्रम का आयोजन मुनि वैराग्य सागर महाराज एवं मुनि सुप्रभ सागर महाराज के मार्गदर्शन में किया गया। दिगंबर जैन समाज के मीडिया प्रभारी अमन विनायका ने बताया कि सुबह 11 बजे समाजजन फोर जीरो विद्युत केंद्र के पास एकत्रित हुए, जहां से वाहन रैली प्रारंभ हुई। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।ज्ञापन में जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने तथा रीवा में आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। समाजजनों ने बताया कि 20 मई को रीवा कलेक्ट्रेट भवन के सामने राष्ट्र संत आचार्य 108 विद्यासागर महाराज की शिष्या आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी विहार के दौरान सड़क दुर्घटना का शिकार हुई थीं। इस घटना से पूरे जैन समाज में गहरा आक्रोश और दुख व्याप्त है।ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री,गृह मंत्री भारत सरकार,जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मांग की गई कि देशभर में विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।इस अवसर पर दिगंबर जैन समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष विमल सरावगी, संतोष चोपड़ा, ओसवाल लोढ़ा समाज अध्यक्ष पारस नागोरी, राजमल छाजेड़, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप मेन, जीनागम, सीनियर सिटीजन ग्रुप के पदाधिकारी एवं सदस्य, मुनि पैदल विहार संघ के सदस्य सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष समाजजन उपस्थित रहे। ज्ञापन का वाचन विमल सरावगी द्वारा किया गया।







