नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। श्री चंद्रवंशी ग्वाला गवली समाज ग्वालटोली द्वारा समाज का आठवां सामूहिक विवाह सम्मेलन रविवार को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्री राधा-कृष्ण मंदिर परिसर, ग्वालटोली में हर्षोल्लास और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस आयोजन में मध्य प्रदेश एवं राजस्थान से आए हजारों समाजजनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।आयोजन समिति के वरिष्ठजनों एवं समाज के पंचगण धन्नालाल पटेल, रामप्रसाद चौधरी, राजू पटेल एवं श्यामलाल दीवान ने सागर मंथन को जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में एक तुलसी विवाह सहित समाज के 26 विवाह योग्य जोड़ों का विधिवत परिणय संस्कार संपन्न कराया गया। सामूहिक विवाह के इस आयोजन ने सामाजिक एकता और परंपराओं की सुंदर मिसाल पेश की।कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 7 बजे बिंदोरी सजावट के साथ हुई, जिसके बाद सुबह 8:30 बजे बिंदोरी निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे दूल्हे और उनके परिजन बैंड-बाजे के साथ उत्साहपूर्वक शामिल हुए। सुबह 11 बजे से टीका एवं बारात स्वागत का कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें वधू पक्ष द्वारा बारात का भव्य स्वागत किया गया।सागर मंथन दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक विवाह की मुख्य रस्में “पीले हाथ, फेर” सहित वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुईं। इसके पश्चात शाम 3:30 बजे नवविवाहित जोड़ों के लिए आशीर्वाद समारोह आयोजित किया गया, जहां उपस्थित समाजजनों ने नवदंपत्तियों को सुखी वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। शाम 4 बजे विदाई समारोह के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें भावुक माहौल के बीच वधुओं को विदा किया गया।आयोजन के अंत में समिति द्वारा सभी नवदंपत्तियों को गृहस्थी के लिए आवश्यक सामग्री उपहार स्वरूप प्रदान की गई। इसमें कपड़े, गहने एवं बर्तन सहित अन्य उपयोगी वस्तुएं शामिल रहीं, जिससे नवजीवन की शुरुआत में उन्हें सहयोग मिल सके।यह सामूहिक विवाह सम्मेलन सामाजिक समरसता, सहयोग और संस्कारों का उत्कृष्ट उदाहरण बना, जिसने समाज में एकता और परंपरा को और अधिक मजबूत करने का संदेश दिया।







