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नीमच रतलाम दोहरी करण परियोजना:-मंदसौर-दलोदा रेलखंड पर दोहरीकरण पूरा, 6 से 8 मई तक होगा सीआरएस निरीक्षण व गति परीक्षण

Mahendra Upadhyay
2 Min Read
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नीमच।महेन्द्र उपाध्याय।पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के अंतर्गत नीमच-रतलाम दोहरीकरण परियोजना में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। मंदसौर-दलोदा रेलखंड के किलोमीटर 291.205 से 304.367 के बीच लगभग 14 किलोमीटर रेलपथ का दोहरीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इस उपलब्धि के साथ ही अब इस खंड पर ट्रेनों के संचालन को और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं तेज बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार नव निर्मित रेलपथ पर कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) निरीक्षण एवं गति परीक्षण 06 मई 2026 से 08 मई 2026 तक निर्धारित समयावधि में किया जाएगा। इस दौरान रेलपथ की गुणवत्ता,संरचना,सुरक्षा मानकों एवं ट्रेनों की गति क्षमता का परीक्षण किया जाएगा,ताकि भविष्य में सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सके।रेलवे प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि इस परीक्षण अवधि के दौरान विशेष सावधानी बरतें। किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए नागरिकों को रेलपथ से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि लोग न तो स्वयं रेललाइन के आसपास जाएं और न ही अपने पशुधन को वहां भटकने दें, क्योंकि परीक्षण के दौरान ट्रेनों की गति अधिक रह सकती है।इसके अलावा,स्थानीय लोगों को आवागमन के लिए केवल अधिकृत मार्गों जैसे समपार फाटक, रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) या रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) का ही उपयोग करने की हिदायत दी गई है। रेलवे ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है। यह दोहरीकरण कार्य क्षेत्र में रेल यातायात को सुचारु बनाने के साथ-साथ माल और यात्री ट्रेनों की आवाजाही में भी तेजी लाएगा,जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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