नीमच।महेन्द्र उपाध्याय।शहर में एक बीमार गाय की अनदेखी का मामला सामने आने पर प्रशासन तत्काल एक्शन मोड में आ गया। जानकारी के अनुसार,नीमच के निजी ओम हॉस्पिटल के पीछे पिछले तीन दिनों से एक गाय गंभीर हालत में बैठी हुई थी। इसकी सूचना मिलते ही गऊ सेवा दल के सदस्य मौके पर पहुंचे और गाय का प्राथमिक उपचार किया।
गौसेवकों ने गाय के कान में लगे टैग के आधार पर मालिक का पता लगाने का प्रयास किया,लेकिन टैग पर कोई नाम या पता दर्ज नहीं मिला। स्थानीय लोगों से जानकारी मिलने पर पता चला कि गाय बगीचा नंबर चार निवासी काले खां की है। टीम ने दिए गए मोबाइल नंबर पर कई बार संपर्क किया, लेकिन मालिक हर बार “सुबह-शाम आ रहा हूं” कहकर टालता रहा और गाय को लेने नहीं पहुंचा।
स्थिति गंभीर होती देख गौसेवक पार्थ जोशी ने डायल 112 पर शिकायत दर्ज करवाई और पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस द्वारा संपर्क करने के प्रयास भी विफल रहे। इसके बाद गौसेवक मितेश अहीर ने सीधे कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को फोन कर पूरे मामले से अवगत कराया।मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल पशुपालन विभाग नीमच के उप संचालक को निर्देश दिए कि यदि गाय का मालिक उसे लेने नहीं आता है तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। कलेक्टर के सख्त रुख के बाद विभाग हरकत में आया और उप संचालक ने डॉ. धाकड़ को मौके पर भेजा।डॉ. धाकड़ ने गाय का उपचार किया और मालिक से संपर्क साधा। प्रशासनिक दबाव के चलते करीब आधे घंटे के भीतर ही मालिक मौके पर पहुंचा और गाय को टेम्पो में भरकर अपने घर ले गया।इस पूरे घटनाक्रम में पशुपालन विभाग की लापरवाही भी सामने आई, क्योंकि गाय पर लगा टैग फर्जी पाया गया, जिस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी। सेवा कार्य में गौसेवक पार्थ जोशी सहित स्थानीय नागरिकों का सराहनीय योगदान रहा।
कलेक्टर एक्शन मोड में: बीमार गाय को लेकर मालिक पर एफआईआर के आदेश के बाद हरकत में आया मालिक







