नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। सकल ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव इस वर्ष भी अत्यंत भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 18 एवं 19 अप्रैल 2026 को आयोजित इस दो दिवसीय महोत्सव में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की विविध श्रृंखला रखी गई है। आयोजन सकल ब्राह्मण समाज कल्याण समिति, श्री परशुराम महादेव मंदिर समिति एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें समाजजन बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।आयोजन के प्रथम दिन शनिवार को प्रातः 9 बजे से श्री परशुराम महादेव मंदिर परिसर में रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग की बालिकाओं एवं महिलाओं ने आकर्षक और मनोहारी रंगोलियां बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके पश्चात सुबह 10 बजे से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें बच्चों ने भगवान परशुराम, भारतीय संस्कृति और धर्मिक व सामाजिक विषयों पर सुंदर चित्र उकेरे।महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष मधु चतुर्वेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल किए गए हैं, ताकि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम 4 बजे अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें संस्कृत श्लोक, मंत्र-स्तोत्र प्रतियोगिता, फैंसी ड्रेस, एकल, युगल एवं समूह नृत्य प्रतियोगिताएं मुख्य आकर्षण रहेंगी।दूसरे दिन रविवार, 19 अप्रैल को प्रातः 5 बजे भगवान श्री परशुरामजी का महाअभिषेक किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। इसके पश्चात शाम 5 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो श्री परशुराम महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए गांधी वाटिका स्थित रतनदेवी मांगलिक भवन पहुंचेगी। शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां, बैंड,डीजे और पुष्प वर्षा विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।आयोजन समिति के अनुसार शोभायात्रा में पुरुषों के लिए सफेद कुर्ता-पायजामा और महिलाओं के लिए लाल चुनरी निर्धारित की गई है, जिससे आयोजन की एकरूपता और भव्यता और अधिक बढ़ेगी। कार्यक्रम का समापन रात्रि 8 बजे रतनदेवी मांगलिक भवन में महाप्रसादी के साथ होगा।पूरे आयोजन को लेकर समाज में उत्साह का माहौल बना हुआ है और बड़ी संख्या में लोग इसमें भाग लेकर धर्म एवं संस्कृति के इस पर्व को यादगार बनाने में जुटे हैं।







