नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। शैख़ सैय्यद पठान वेलफेयर सोसाइटी (रा.जि.) नीमच के जानिब से तीसरा इज्तिमाई निकाह सम्मेलन 12 अप्रैल, इतवार के रोज़ सुबह 10 बजे चोपदार गार्डन, महावीर नगर रोड पर बड़ी शान-ओ-शौकत के साथ मुनअक़िद किया गया। इस मौके पर 11 नवदंपति जोड़ों ने निकाह कुबूल करते हुए अपनी नई ज़िंदगी की शुरुआत की।यह इज्तिमाई निकाह जिला कमेटी के सदर सलीम खान और सम्मेलन कमेटी के सदर हाजी बाबू भाई की सरपरस्ती में अंजाम दिया गया। यह आयोजन खास तौर पर उन जरूरतमंद बेटियों के लिए किया गया, जो निकाह के खर्च की वजह से परेशान रहती हैं। कमेटी की तरफ से सभी जोड़ों को घर-गृहस्थी का जरूरी सामान भी तोहफे में दिया गया।इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर सूफी संत हज़रत वकीलुउद्दीन मियांजी सरकार (मंदसौर) तशरीफ लाए। उन्होंने अपने बयान में फरमाया कि इस्लाम मज़हब निकाह को आसान बनाने और उसे अमल में लाने की तालीम देता है। वहीं सदर सलीम खान ने कहा कि हमारी कोशिश है कि कोई भी बेटी निकाह से महरूम न रहे और आने वाले वक्त में इस सम्मेलन को और बड़े पैमाने पर 51 जोड़ों तक पहुंचाया जाएगा।मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सदर गुलाम रसूल पठान ने इस कामयाब आयोजन पर कमेटी को मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह इज्तिमाई निकाह पूरे नीमच-मंदसौर इलाके के लिए एक मिसाल है। इस कार्यक्रम में नीमच, मंदसौर, जयपुर, चित्तौड़, निंबाहेड़ा, सिंगोली, मनासा, जावद, रामपुरा और डीकेन सहित कई शहरों से बड़ी तादाद में लोग शरीक हुए।निकाह की रस्म शहर के कारी मोबीन, मौलाना नीमच सिटी और चिराग मस्जिद के कारी साहब ने अदा करवाई। पूरे पंडाल में “कुबूल है” की गूंज से माहौल रूहानी हो गया। मेहमानों ने नवदंपतियों को दुआओं से नवाज़ा और उनके रोशन मुस्तकबिल की कामना की।कार्यक्रम के दौरान समाजसेवियों और सहयोगकर्ताओं का साफा और फूलमाला पहनाकर इस्तकबाल किया गया। मेहमानों के लिए पानी, जलजीरा, चाय और खाने-पीने की बेहतरीन व्यवस्था की गई। कमेटी के तमाम मेंबर्स और शहरवासियों के सहयोग से यह आयोजन कामयाबी के साथ मुकम्मल हुआ, जिसके लिए अंत में सभी का शुक्रिया अदा किया गया।







