नीमच।महेन्द्र उपाध्याय।वद्धजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और उम्र संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय नीमच में शनिवार को निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटिल के मार्गदर्शन में रेड क्रॉस सभागार में आयोजित इस शिविर में कुल 100 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया, जिनमें 81 वरिष्ठ नागरिक शामिल रहे।राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में वृद्धजनों के स्वास्थ्य की विशेष जांच एवं उपचार की व्यवस्था की गई। शिविर में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हड्डियों से संबंधित समस्याओं तथा नेत्र रोगों की जांच कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक उपचार एवं परामर्श प्रदान किया गया। मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं।शिविर में 58 मरीजों में हाई ब्लड प्रेशर, 28 मरीजों में डायबिटीज, 38 मरीजों में अस्थि रोग तथा 15 मरीजों में नेत्र संबंधी समस्याएं पाई गईं। सभी मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया गया।वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. मनीष यादव के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों का परीक्षण किया। इस दौरान नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋतुराज शर्मा, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. त्रिशान सिंह, मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अदिति पेंढारकर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. दीक्षा यादव तथा अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग चौधरी ने अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए मरीजों को आवश्यक परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया।शिविर के संचालन में एनसीडी क्लिनिक की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्टाफ सदस्य मनीष व्यास, नीलम वैद्य एवं टीना राठौर द्वारा मरीजों की ब्लड प्रेशर एवं शुगर जांच की गई। साथ ही उन्हें नियमित मासिक फॉलोअप, संतुलित आहार, व्यायाम तथा वृद्धावस्था में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी गई।विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर वृद्धजनों में रोगों की प्रारंभिक पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध हुईं, जिससे उन्हें काफी सुविधा मिली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी।







