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मध्याह्न भोजन व पोषण आहार योजनाओं से जुड़ी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर महिला समूहों ने सौंपा ज्ञापन

Mahendra Upadhyay
3 Min Read
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।जिले में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मध्याह्न भोजन) योजना एवं आंगनवाड़ी पूरक पोषण आहार योजना का संचालन कर रहे महिला स्वयं सहायता समूहों और रसोईया बहनों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर शुक्रवार को महिला स्वयं सहायता समूह महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में योजनाओं के सुचारु संचालन, समूह संचालकों की आर्थिक परेशानियों के समाधान तथा रसोईया बहनों के हितों से जुड़ी 13 सूत्रीय मांगें शामिल की गई हैं।सागर मंथन,महासंघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि जिले में महिला स्वयं सहायता समूह वर्षों से मध्याह्न भोजन एवं आंगनवाड़ी पोषण आहार योजना का सफल संचालन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कई व्यावहारिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि भोजन एवं पोषण आहार तैयार करने के लिए पर्याप्त गैस कनेक्शन और सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं तथा गैस रिफिलिंग की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।महिलाओं ने यह भी मांग की है कि भोजन पकाने की लागत राशि और खाद्यान्न सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए तथा विद्यार्थियों एवं हितग्राहियों की वास्तविक उपस्थिति के आधार पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। सागर मंथन रसोईया बहनों का मानदेय प्रत्येक माह निर्धारित तिथि पर दिए जाने और वर्तमान मानदेय में वृद्धि करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।ज्ञापन में कहा गया कि कई स्थानों पर छात्र संख्या कम होने का हवाला देकर वर्षों से कार्यरत रसोईया बहनों को कार्य से पृथक किया जा रहा है, जिससे उनके रोजगार पर संकट उत्पन्न हो रहा है। ऐसे मामलों में रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा कार्य के दौरान दुर्घटना या अप्रिय घटना होने पर तत्काल आर्थिक सहायता और कम से कम एक लाख रुपये का निःशुल्क बीमा कवरेज उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।महासंघ ने समूह अनुबंध नवीनीकरण प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने, भुगतान में होने वाली दो से तीन माह की देरी समाप्त करने तथा बढ़ती महंगाई को देखते हुए भोजन पकाने की लागत राशि,खाद्यान्न की मात्रा और रसोईया मानदेय में वृद्धि करने की मांग की है। साथ ही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को विभिन्न स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर प्राथमिकता के आधार पर लाभ प्रदान करने का आग्रह किया गया।महिला स्वयं सहायता समूह महासंघ ने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके और समूहों से जुड़ी महिलाओं को सम्मानपूर्वक कार्य करने का अवसर मिल सके।

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