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गैस एजेंसी के नाम पर 60 लाख की ठगी,रुपए मांगने पर नाबालिग से छेड़छाड़ के झूठे प्रकरण में फंसाने की साजिश का दावा,समाजजनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित कन्हैयालाल पुरोहित,निष्पक्ष जांच और दर्ज प्रकरण समाप्त करने की मांग

Mahendra Upadhyay
5 Min Read
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। गैस एजेंसी दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपये की ठगी, पहचान संबंधी दस्तावेजों के दुरुपयोग और रुपए वापस मांगने पर नाबालिग बालिका के माध्यम से झूठे आपराधिक प्रकरण में फंसाने के गंभीर आरोपों को लेकर कुकड़ेश्वर निवासी कन्हैयालाल पुरोहित सोमवार को समाजजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक नीमच को ज्ञापन सौंपते हुए झाबुआ पुलिस अधीक्षक के नाम भी शिकायत प्रेषित की और पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच की मांग की।ज्ञापन में कन्हैयालाल पुरोहित ने आरोप लगाया है कि थांदला क्षेत्र के एक गैस एजेंसी संचालक के साथ उनके व्यावसायिक संबंध रहे हैं। एजेंसी संचालन और अनुबंध प्रक्रिया के दौरान उनसे आधार कार्ड,फोटोग्राफ सहित अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज लिए गए थे।शिकायतकर्ता का दावा है कि गैस एजेंसी दिलाने और व्यवसायिक साझेदारी के नाम पर उनसे करीब 60 लाख रुपये की राशि ली गई, लेकिन लंबे समय तक न तो एजेंसी संबंधी कार्य पूरा किया गया और न ही उनकी राशि वापस लौटाई गई।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब उन्होंने बार-बार अपने रुपए वापस मांगे और एजेंसी संबंधी स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा।बतादे की कन्हैयालाल पुरोहित पिता चांदमल पुरोहित निवासी ब्राह्मण मोहल्ला कुकड़ेश्वर जिला नीमच एवं सुजीत पिता स्वर्गीय ललित कुमार भाबर संचालक ओम ऐंजल भारत गैस थांदला के मध्य गैस एजेंसी संचालक संबंधी व्यावसायिक अनुबंध हुआ था ज्ञापन के अनुसार जब कन्हैयालाल पुरोहित स्वयं झाबुआ पहुंचकर संबंधित पक्ष से मिले और अपनी राशि की मांग की,तब उन्हें धमकी दी गई कि यदि उन्होंने पैसे मांगना बंद नहीं किया तो उन्हें गंभीर आपराधिक मामलों में फंसा दिया जाएगा।ज्ञापन में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि आर्थिक विवाद और रुपए वापस मांगने के बाद एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत संबंधित पक्ष ने अपनी नाबालिग रिश्तेदार बालिका के माध्यम से थाना थांदला में कन्हैयालाल पुरोहित के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर उनके खिलाफ प्रकरण कायम किया गया।शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बालिका अथवा उसके परिवार से उनका कभी कोई परिचय, संपर्क या लेन-देन नहीं रहा, जिससे पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है।कन्हैयालाल पुरोहित ने आरोप लगाया कि एजेंसी प्रक्रिया के दौरान लिए गए उनके आधार कार्ड, फोटोग्राफ और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेजों का उनकी जानकारी और सहमति के बिना उपयोग किया गया। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि भविष्य में भी इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उन्हें नए झूठे मामलों में फंसाने, मानसिक,सामाजिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया जा सकता है।ज्ञापन में कहा गया है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति के साथ हुए अन्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की पहचान, दस्तावेजीय सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि किसी व्यक्ति के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसे झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है, तो यह कानून व्यवस्था और नागरिक अधिकारों दोनों के लिए चिंता का विषय है।समाजजनों एवं पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी अथवा निष्पक्ष जांच अधिकारी से कराई जाए। साथ ही आधार कार्ड, फोटोग्राफ एवं अन्य दस्तावेजों के कथित उपयोग अथवा दुरुपयोग की तकनीकी जांच कराई जाए। शिकायत में लगाए गए षड्यंत्र, दबाव और दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग संबंधी आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।ज्ञापन में संबंधित व्यक्तियों के मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, डिजिटल साक्ष्य, आर्थिक लेन-देन, दस्तावेज एवं अन्य उपलब्ध सामग्री का परीक्षण कराने की मांग भी की गई है ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। समाजजनों ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की साजिश, झूठे साक्ष्य, दस्तावेजी छेड़छाड़, प्रतिरूपण अथवा षड्यंत्र की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।पीड़ित कन्हैयालाल पुरोहित ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। वहीं समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से शिकायतकर्ता एवं उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें किसी भी प्रकार की प्रताड़ना से बचाने तथा गैस एजेंसी के नाम पर हुई 60 लाख रुपये की ठगी और दर्ज प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।

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