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नीमच बना मालवा का नया इंडस्ट्रियल वाइब्रेंट हब, टेक्सटाइल से ग्रीन एनर्जी तक तेज़ी से बढ़ा औद्योगिक विस्तार

Mahendra Upadhyay
5 Min Read
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। मालवा अंचल का नीमच जिला पिछले ढाई वर्षों में औद्योगिक विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। निवेश,रोजगार और औद्योगिक विस्तार की तेज रफ्तार ने नीमच को अब प्रदेश के उभरते “इंडस्ट्रियल वाइब्रेंट हब” के रूप में नई पहचान दिलाई है। जिले का झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र इस बदलाव का मुख्य केंद्र बनकर सामने आया है,जहां वर्तमान में 44 औद्योगिक इकाइयां पूरी तरह उत्पादन कर रही हैं। इसके अलावा जिले के अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी फैक्टरियों की स्थापना और निर्माण कार्य तेजी से जारी है।नीमच जिले में सबसे अधिक निवेश टेक्सटाइल और डेनिम सेक्टर में देखने को मिल रहा है। झांझरवाड़ा में स्वराज सूटिंग्स प्राइवेट लिमिटेड ने लगभग 400 करोड़ रुपए की लागत से विशाल डेनिम यूनिट स्थापित की है, जहां 400 से अधिक युवाओं को रोजगार मिल रहा है। आने वाले समय में यहां रोजगार के अवसर और बढ़ने की संभावना है। वहीं विश्वेश्वरा डेनिम प्राइवेट लिमिटेड भी 135 करोड़ रुपए के निवेश से कपड़ा एवं परिधान निर्माण इकाई विकसित कर रही है।इसके अलावा मोरवन क्षेत्र में सुविधि रेयांस द्वारा 329 करोड़ रुपए से अधिक लागत की इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल मिल का निर्माण कार्य जारी है। इस परियोजना से लगभग 1500 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं ओर्टेक्स प्रोसेसर की क्लोदिंग यूनिट भी क्षेत्र में उत्पादन कार्य कर रही है।झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र में 200 से अधिक प्लॉट हैं और सभी प्लॉट का आवंटन किया जा चुका है। वर्तमान में यहां कोई प्लॉट उपलब्ध नहीं है। इस क्षेत्र में करीब 2500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल चुका है। उद्योगों की बढ़ती मांग को देखते हुए एमपीआईडीसी द्वारा अब जिले के चीताखेड़ा में 186 हेक्टेयर क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।राजस्थान और गुजरात से जुड़ी भौगोलिक स्थिति के कारण नीमच अब लॉजिस्टिक हब के रूप में भी उभर रहा है। टेक्सटाइल, गारमेंटिंग और डेनिम सेक्टर में इसे भीलवाड़ा के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि भीलवाड़ा से इसकी दूरी मात्र 120 किलोमीटर है। भीलवाड़ा की कई प्रमुख औद्योगिक इकाइयां अब विस्तार के लिए नीमच का रुख कर रही हैं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी और एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री का बड़ा केंद्र बन सकता है।नीमच अब केवल टेक्सटाइल क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। मालवा पेट्रो प्रोडक्ट्स, एमपी ग्रीनरिज़, नंदीराज एग्रो प्रोडक्ट्स, ओसवाल एथेनॉल और धनुका बायोटेक जैसी कंपनियों ने जिले में अपनी यूनिट स्थापित की हैं। इन उद्योगों से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।फूड प्रोसेसिंग और पैकेजिंग सेक्टर में भी झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र की मजबूत उपस्थिति सामने आई है। जैन एग्रो प्रोडक्ट्स, इनाया एग्रो फूड्स, शकील एंड ब्रदर्स और सरकार ट्रेडिंग कंपनी खाद्य पैकेजिंग कार्य में सक्रिय हैं। वहीं रिद्धि सिद्धि पैकिंग कार्डबोर्ड बॉक्स निर्माण कर रही है, जबकि देशना इंडस्ट्रीज अजवाइन ऑयल उत्पादन और विनी प्रोडक्ट्स अजवाइन ग्रेडिंग का कार्य कर रही है। इन उद्योगों ने कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नया बाजार उपलब्ध कराया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की उद्योग हितैषी नीतियों का असर अब जिलों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। भूमि आवंटन में तेजी,प्रक्रियाओं का सरलीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार जैसे फैसलों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। मुख्यमंत्री की “रोजगार आधारित विकास” और “उद्योग-गांव कनेक्ट” की सोच के चलते नीमच में निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार हुए हैं।एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उद्योग हितैषी सोच और तेज फैसलों का ही परिणाम है कि नीमच आज मालवा के प्रमुख इंडस्ट्रियल हब के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सभी प्लॉट आवंटित हो चुके हैं और लगातार नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। आने वाले समय में चीताखेड़ा का नया औद्योगिक क्षेत्र नीमच को प्रदेश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में नई पहचान देगा।

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