नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। बुधवार को नीमच जिला चिकित्सालय में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक 65 वर्षीय बुजुर्ग की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल लाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का रोना-बिलखना और हंगामा शुरू हो गया, जिससे कुछ समय के लिए माहौल गमगीन और आक्रोशपूर्ण हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान नानुराम पिता अमृतराम जाटव (65 वर्ष) निवासी जयसिंहपुर नई आबादी,थाना बघाना क्षेत्र के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि क्षेत्र में शासकीय भूमि पर कई लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया था, जिसमें उनका भी एक कच्चा झोपड़ा शामिल था। बुधवार को जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।मृतक के पुत्र राजकुमार जाटव ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि इस मामले में न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है, इसके बावजूद बिना पूर्व सूचना या नोटिस के कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि उनके पिता नानुराम मौके पर मौजूद अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे,तभी कथित रूप से अधिकारियों ने कड़े शब्दों में बात करते हुए चेतावनी दी कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हर हाल में होगी और कोई इसे रोक नहीं सकता।राजकुमार के अनुसार, इस घटनाक्रम से उनके पिता मानसिक रूप से आहत हो गए और अत्यधिक तनाव में आकर उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अधिकारियों के कथित व्यवहार और दबाव के चलते ही उनके पिता की मौत हुई है।परिजनों ने इस मामले में तहसीलदार, सरपंच,मंत्री,बघाना थाना प्रभारी और अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजन लगातार विरोध जताते रहे और न्याय की मांग को लेकर हंगामा करते रहे।समाचार लिखे जाने तक अस्पताल परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। वहीं प्रशासन की ओर से मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।







