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आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ का ज्ञापन, ठोस नीति बनाने की मांग

Mahendra Upadhyay
4 Min Read
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नीमच।महेंद्र उपाध्याय।प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा।यह ज्ञापन 21 अप्रैल मंगलवार को कलेक्टर प्रतिनिधि के माध्यम से प्रेषित किया गया, जिसमें श्रमिक हितों से जुड़े 17 प्रमुख मांग बिंदु शामिल हैं।ज्ञापन में संघ ने कहा कि वह प्रदेश के संगठित एवं असंगठित क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है और विभिन्न विभागों, उद्योगों एवं संस्थाओं में कार्यरत बाह्य स्रोत (आउटसोर्स) कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण न केवल कर्मचारियों बल्कि प्रदेश के हित में भी आवश्यक है। संघ ने सरकार से मांग की कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाई जाए, जैसे “आउटसोर्स सर्विस सिक्योरिटी एक्ट” या आउटसोर्स निगम मंडल का गठन, ताकि सामाजिक सुरक्षा एवं उचित वेतन सुनिश्चित हो सके।संघ ने श्रम कानूनों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उल्लंघन की स्थिति में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही 8 घंटे से अधिक कार्य करने पर ओवरटाइम भुगतान, कर्मचारियों का वेतन सीधे विभाग द्वारा दिए जाने और बिचौलिया प्रथा समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन प्रत्येक माह की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से दिया जाए तथा वेतन पर्ची उपलब्ध कराई जाए। अनुभव के आधार पर वेतन वृद्धि एवं नियमित/संविदा भर्ती में प्राथमिकता देने के लिए नीति बनाने की मांग भी रखी गई है।संघ ने बिना ठोस कारण और जांच के कर्मचारियों को नौकरी से निकालने पर रोक लगाने तथा शिकायत या आरोप की उच्च स्तरीय जांच के बाद ही सेवाएं समाप्त करने की बात कही। साथ ही सभी कर्मचारियों को ईपीएफ,ईएसआईसी और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।ज्ञापन में समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने, सेवा समाप्ति के विरुद्ध अपील के लिए विभागीय समिति गठित करने तथा सेवा अवधि के आधार पर श्रेणी उन्नयन की व्यवस्था लागू करने की मांग भी प्रमुख रूप से शामिल रही। इसके अलावा 20 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा, 62 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने का प्रावधान और रिक्त पदों के विरुद्ध समायोजन की नीति बनाने की मांग की गई। सागर मंथन संघ ने कौशल विकास प्रशिक्षण, साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित करने तथा कर्मचारियों के समग्र विकास के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की भी आवश्यकता बताई।ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के सदस्य सुभाष कुमावत, देवानंद राठौर, राजेंद्र कुमार जैन, शंभू प्रसाद शर्मा, मनीष नागदा, कमलेश गहलोत, चंद्रशेखर जायसवाल, दामोदर प्रसाद जोशी, गजेंद्र वर्मा, दीपक शर्मा, उमेश यादव, सौरभ सिंह चौहान,सागर मंथन दीपक सेन, नवीन पुरोहित, दीपक धनगर, शुभम बैरागी सहित बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी एवं संघ पदाधिकारी उपस्थित रहे।संघ ने मुख्यमंत्री से श्रमिकों की जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर शीघ्र उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

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