नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। शहर में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के छठे दिवस श्रद्धा,भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के दौरान व्यासपीठ से पंडित राजेन्द्र पुरोहित ने भगवान शिव की महिमा, तुलसी के महत्व और शिवलिंग की आध्यात्मिक शक्ति का विस्तृत वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म एवं जीवन से जुड़े कई प्रेरणादायक संदेश दिए।पंडित राजेन्द्र पुरोहित ने कहा कि घर में तुलसी का पौधा लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। तुलसी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और सुख-शांति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि जब तुलसी सूखती है तो वह परिवार के कष्टों को स्वयं हर लेती है। वहीं घर में हरी-भरी तुलसी का होना समृद्धि और मंगल का संकेत माना जाता है।कथा में शिवलिंग की महत्ता का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति श्रद्धा भाव से शिवलिंग से अपना मस्तक स्पर्श कर लेता है तो भगवान शिव की कृपा से उसका भाग्य परिवर्तित हो सकता है। शिव कृपा से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और उसे जीवन में नई ऊर्जा एवं सकारात्मकता प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि समाज में अच्छे कार्य करने वालों को अक्सर तानों और आलोचनाओं का विष पीना पड़ता है, लेकिन यदि व्यक्ति भगवान शिव की तरह उस विष को धैर्यपूर्वक स्वीकार कर ले, तो अंततः उसे शिव कृपा अवश्य प्राप्त होती है।कथा के दौरान भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप तथा भगवान हनुमान के अवतार का भी सुंदर वर्णन किया गया। कथा पंडाल में भगवान हनुमान की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। जैसे ही झांकी निकली, भक्तजन भक्ति गीतों पर झूम उठे और पूरा पंडाल “जय श्रीराम” एवं “बजरंगबली की जय” के जयकारों से गूंज उठा।इस अवसर पर बाणासुर और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी कथा का भी वर्णन किया गया। पंडित पुरोहित ने बताया कि बाणासुर ने भगवान शिव से वरदान प्राप्त कर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग शुरू कर दिया था। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव के मध्य महायुद्ध हुआ। अंततः भगवान शिव के आग्रह पर श्रीकृष्ण ने बाणासुर को क्षमादान प्रदान किया।कथा में विभिन्न कलाकारों द्वारा भगवान शिव, पार्वती, श्रीराम, सीता, राधा-कृष्ण, गणपति एवं अन्य देवी-देवताओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल, बैठक व्यवस्था एवं प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गई। युवा टीम के सदस्यों की सेवाओं की शिव भक्तों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। कार्यक्रम की जानकारी नंदकिशोर खूंतवाल एवं अरुण श्रीवास्तव द्वारा संयुक्त रूप से दी गई।
शिवलिंग के स्पर्श से बदलता है भाग्य, शिव कृपा से मिटते हैं कष्ट : पं. राजेन्द्र पुरोहित, श्री शिव महापुराण कथा का छठा दिन







