नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। जिले की मनासा तहसील के ग्राम महागढ़ में हुई एक संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक राजमल गायरी के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक के नाम आवेदन सौंपकर गांव के कुछ लोगों पर मारपीट कर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही मनासा थाना पुलिस पर आरोपियों पर कार्यावाही नही करने के आरोप है।परिजनों के अनुसार राजमल गायरी का गांव के कुछ लोगों से मिट्टी डालने को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले में 12 मई को मनासा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। परिजनों का कहना है कि विवाद के दौरान राजमल के साथ मारपीट हुई थी और उन्हें चोटें भी आई थीं, जिसके बाद मेडिकल परीक्षण कराया गया था। आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।मृतक के परिजन राहुल धनगर ने बताया कि 13 मई को भी विवाद की शिकायत की गई थी तथा डायल-112 को बुलाया गया था। इसके बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने लेकर पहुंची, लेकिन तब भी आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।परिजनों के मुताबिक 15 मई की रात राजमल घर के बाहर सोए थे। सुबह जब परिवार ने उन्हें नहीं देखा तो गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।इसके बाद 16 मई को दोपहर करीब एक बजे उनका शव गांव के बाहर एक आम के पेड़ पर रस्सी से लटका मिला। परिजनों का दावा है कि शव संदिग्ध स्थिति में मिला था और मृतक के घुटने जमीन से टिके हुए थे, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया।परिवार ने गांव के ही शम्मू बाई,घनश्याम,जगदीश और विष्णु पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे परिवार में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि आवेदन प्राप्त हुआ है मामले की जांच की जा रही है।







