नीमच।महेन्द्र उपाध्याय।क्षेत्र के अफीम किसानों के लिए राहत और भरोसे की बड़ी खबर सामने आई है। अब अफीम की तौल और जांच प्रक्रिया को पूरी तरह हाईटेक, पारदर्शी और निष्पक्ष बना दिया गया है। क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता ने अफीम फैक्ट्री का औचक निरीक्षण कर नई व्यवस्थाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लिया और स्पष्ट संदेश दिया कि अब किसानों की मेहनत का हक कोई नहीं छीन सकेगा।निरीक्षण के दौरान सांसद पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ फैक्ट्री पहुंचे। उन्होंने भंडारण क्षेत्र में रखे हजारों कंटेनरों की व्यवस्था देखी और डिजिटल सिस्टम की बारीकियों को समझा।कंप्यूटर ऑपरेटरों से डेटा फीडिंग, ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग की पूरी प्रक्रिया की जानकारी लेकर जांच की पारदर्शिता को परखा।नई व्यवस्था में पारंपरिक पर्ची आधारित प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब कंटेनरों पर किसान का नाम नहीं लिखा जाता, बल्कि पहले QR कोड और फिर माइक्रो कोड लगाया जाता है। इससे जांच करने वाले विशेषज्ञ को यह पता नहीं चलता कि वह किस किसान की अफीम की जांच कर रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया 100 प्रतिशत निष्पक्ष हो गई है।फैक्ट्री की लैब को भी अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया गया है।पुरानी मशीनों की जगह नई उन्नत मशीनें लगाई गई हैं, जिनसे मॉर्फिन की जांच अधिक सटीकता से की जा रही है। देशभर से आए 20 से अधिक विशेषज्ञ और केमिकल इंजीनियर इस प्रक्रिया में लगे हैं, जो 250 से ज्यादा कलर कोड लाइब्रेरी के आधार पर परीक्षण कर रहे हैं।सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। पूरी फैक्ट्री को हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया है, जहां हर कोने में CCTV कैमरे लगे हैं और हर प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जा रही है। डीएनसी और जीएम स्तर के अधिकारी सीधे निगरानी रख रहे हैं, जिससे सिस्टम पूरी तरह जवाबदेह बन गया है।सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि अफीम किसान देश की अर्थव्यवस्था और परंपरा की मजबूत कड़ी हैं। उनकी मेहनत का पूरा हक मिलना हमारी जिम्मेदारी है। नई तकनीक से जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और ईमानदार बनाया गया है, जिससे अब किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो गई है और किसानों का विश्वास और मजबूत होगा।







