नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।मालवा की पावन धरा पर बसे नीमच नगर में रविवार को एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन का भव्य नजारा देखने को मिला। श्री आदिनाथ जिनालय, जिनकुशलसूरि दादावाड़ी एवं श्री शंखेश्वर पद्मावती धाम, शक्ति नगर में आयोजित प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत नवीन प्रतिमाओं के नगर प्रवेश पर विशाल वरघोड़ा निकाला गया, जिसने पूरे शहर को भक्ति,उल्लास और दिव्यता से सराबोर कर दिया।यह भव्य शोभायात्रा परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी के पावन सानिध्य एवं साधु-साध्वी भगवंतों की निश्रा में संपन्न हुई। श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम इस दौरान देखने को मिला। जैन भवन से प्रारंभ हुआ यह विराट वरघोड़ा शहर के प्रमुख मार्गों—महेश सर्कल, कमल चौक, बारादरी, घंटाघर एवं पुस्तक बाजार से होते हुए पुनः जैन भवन पहुंचा।पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने नवीन प्रतिमाओं एवं गुरु भगवंतों के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।जगह-जगह श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा स्वागत द्वार बनाए गए, जहां पुष्पवर्षा, आरती और जयघोषों के साथ शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। “जय जिनेन्द्र” और “वर्धमान वीर की जय” के नारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला भी प्रारंभ हो चुकी है। इसमें नवकारसी, गुरु भगवंतों का मंगल प्रवेश, दशादिकपाल पूजन, नवग्रह पूजन, अष्टमंगल पूजन तथा सत्तर भेदी पूजन जैसे विशेष कार्यक्रम शामिल हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।आयोजन समिति के अनुसार 24 अप्रैल को होने वाला भव्य प्राण-प्रतिष्ठा समारोह इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहेगा, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। वहीं 20 अप्रैल को वर्षीतप तपस्वियों का विशेष वरघोड़ा भी श्रद्धा और भक्ति के साथ निकाला जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में धर्मावलंबियों के शामिल होने की संभावना है।इस पूरे आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊर्जा दी है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का भी सुंदर संदेश दिया है।







