नीमच। महेंद्र उपाध्याय। हज़रत मोइनुद्दीन सरकार के 18 वें चार रोज़ा क़ौमी एकता उर्स के मौक़े पर मुनअक़िद महफ़िल-ए-शमा में सूफियाना कव्वाली की शानदार पेशकश ने अकीदतमंदों को रूहानी कैफ़ियत में सराबोर कर दिया। देर रात तक जारी रही इस महफ़िल में मशहूर क़व्वालों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश कर फ़िज़ा को पूरी तरह नूरानी बना दिया। पार्षद सईद चौधरी (काले भाई) और इक़बाल क़ुरैशी ने बताया कि 1 अप्रैल को नमाज़-ए-इशा के बाद आयोजित इस ख़ुसूसी महफ़िल में शाहिद सावरी पार्टी (कोटा), हाजी अकरम उमर क़व्वाल (नीमच) और नुसरत क़ादरी (कपासान शरीफ) की क़व्वाल पार्टियों ने अपने फ़न का बेहतरीन मुज़ाहिरा पेश किया। क़व्वालों ने “मेरी ज़िंदगी के मालिक कहीं तुम बदल ना जाना”, “सरकार बुला लीजिए एक बार मदीने में”, “चलो दीवानों नबी के दर पर” और “ख्वाजा पिया नज़र-ए-करम फ़रमाना” जैसे मक़बूल कलाम पेश किए,जिन्हें हाज़रीन ने दिल खोलकर दाद दी।उर्स के दौरान बड़ी तादाद में जायरीन ने दरगाह शरीफ़ पर हाज़िरी दी, चादर शरीफ़ और फूल पेश कर दुआएं मांगीं। लोगों ने अपने घर-परिवार और मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक़्क़ी और खुशहाली की दुआ की।लंगर-ए-आम में भी जायरीन ने बढ़-चढ़कर शिरकत की, जिससे भाईचारे और क़ौमी यकजहती का पैग़ाम मज़बूत हुआ।रौशनियों से जगमगाया आस्ताना, बना मरकज़-ए-तवज्जो उर्स के इस मुबारक मौक़े पर आस्ताने के बाहर की गई दिलकश और रंगीन लाइटिंग खास तवज्जो का मरकज़ रही। रात के वक़्त रोशनी से जगमगाता परिसर बेहद ख़ूबसूरत नज़र आया, जिसने जायरीन के दिलों को मोह लिया।इस मौक़े पर जाकिर हुसैन, राशिद ख़ान (सवा वाले), निगरान-ए-आला हुसैन क़ुरैशी, अब्दुल हकीम (सूबी वाले), पार्षद इक़बाल क़ुरैशी, संगठन मंत्री हाजी रज्जाक चौधरी, हाजी इस्लाम तिगाला, हाजी नौशाद चौधरी, शब्बीर भाई क़ुरैशी, जाहिद क़ादरी समेत बड़ी तादाद में अकीदतमंद और जायरीन मौजूद रहे।







