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दिव्य रथ में विराजे बाबा श्याम, कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुतियों से सराबोर हुआ 30 वां रंग-रंगीला फाग महोत्सव

Mahendra Upadhyay
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नीमच। महेन्द्र उपध्याय।शहर की पावन धरा पर एक बार फिर आस्था, उल्लास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला,जब खाटू श्याम को समर्पित 30 वें रंग-रंगीले फाग महोत्सव का आयोजन अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह महोत्सव विशाल और दिव्य स्वरूप में आयोजित किया गया, जिसने समूचे शहर को श्याममय बना दिया। श्री खाटू श्याम मित्र मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव की तैयारियां पिछले एक माह से निरंतर चल रही थीं। 27 फरवरी को सायं 5.30 बजे नरसिंह मंदिर, घंटाघर से भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। प्रसिद्ध समाजसेवी अरुल अशोक अरोरा द्वारा विधिवत महा आरती के पश्चात दिव्य रथ में विराजित खाटू नरेश बाबा श्याम की शोभायात्रा नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। रथ की अलौकिक साज-सज्जा और बाबा का आकर्षक श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।शहर के प्रमुख मार्गों को रंग-बिरंगी रोशनी, पुष्प सज्जा और स्वागत द्वारों से सुसज्जित किया गया था। जगह-जगह श्याम भक्तों द्वारा आकर्षक झांकियां सजाई गईं। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, आतिशबाजी, फलाहार और जलपान वितरण कर बाबा का भव्य स्वागत किया। पूरा वातावरण “हारे के सहारे, बाबा श्याम हमारे” के जयघोष से गूंजायमान हो उठा।
इस वर्ष की शोभायात्रा में देश के विभिन्न प्रांतों से आए ख्यातनाम कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पहली बार कर्नाटक की विशेष झांकी ने नीमचवासियों का ध्यान आकर्षित किया, वहीं महाराष्ट्र और दिल्ली की मनोहारी झांकियां भी श्रद्धा और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत करती नजर आईं। नासिक के प्रसिद्ध ढोल और चंग पार्टी की गूंज से वातावरण भक्तिरस में डूब गया। मालवा का प्रसिद्ध बैंड और शिवजी की मनमोहक झांकी ने शोभायात्रा को और भी दिव्य बना दिया।
फूलों की होली ने फाग महोत्सव की परंपरा को जीवंत करते हुए भक्तों को भावविभोर कर दिया। बाबा श्याम का अलौकिक श्रृंगार कर भव्य दरबार सजाया गया, जहां श्रद्धालु दर्शन कर स्वयं को धन्य मानते नजर आए। श्रद्धा,भक्ति और समर्पण का यह दृश्य हर किसी के हृदय को छू गया।नीमच की जनता को इस महोत्सव का पूरे वर्ष इंतजार रहता है। समय के साथ यह आयोजन लगातार विराट रूप धारण करता जा रहा है और शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों ने भी सभी को प्रभावित किया।

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