नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। शनिवार को नीमच शहर सनातन आस्था और आध्यात्मिक चेतना के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया।अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित विराट सनातन राष्ट्र धर्मसभा एवं संत समागम में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देश के प्रख्यात संतों ने धर्म,संस्कृति और राष्ट्र चेतना का संदेश देते हुए सनातन परंपरा के संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति के संवर्धन का आह्वान किया।
धर्मसभा के मुख्य वक्ता परम् शिव उपासक, ब्रह्मनिष्ठ परिव्राजकाचार्य एवं आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानन्द गिरी जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश का नीमच धर्म की नगरी है और इस पावन भूमि पर भगवान महादेव की विशेष कृपा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि संत स्वयं कुछ नहीं करते, बल्कि उनसे जो भी कार्य होता है, वह भगवान महादेव की प्रेरणा और कृपा से ही संभव होता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर को आत्मसमर्पण सबसे अधिक प्रिय है और यही सनातन धर्म का मूल संदेश भी है।स्वामी कैलाशानन्द गिरी जी महाराज ने कहा कि रामायण,श्रीमद्भगवद्गीता, वेद, पुराण और श्रीमद्भागवत जैसे महान ग्रंथ मानव जीवन को सत्य,धर्म,सेवा और समर्पण का मार्ग दिखाते हैं। इन सभी का सार यही है कि मनुष्य अपने जीवन को ईश्वर के प्रति पूर्ण श्रद्धा और समर्पण के साथ जीए।उन्होंने कहा कि श्रावण मास की पूर्व संध्या पर आयोजित यह विराट धर्मसभा इस बात का प्रमाण है कि नीमच की धरती आज भी आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण है। उन्होंने भगवान शिव की आराधना, श्रावण मास की महिमा और सनातन संस्कृति के गौरवशाली इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन संस्कृति विश्व को प्रेम,करुणा,सेवा,सहिष्णुता और मानवता का संदेश देने वाली शाश्वत जीवन पद्धति है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भारतीय संस्कृति, धार्मिक मूल्यों और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जीवन जीने का आह्वान किया।धर्मसभा को नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा,नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, सांसद सुधीर गुप्ता, जयपुर के हवा महल क्षेत्र के विधायक बालमुकुंद आचार्य, महामंडलेश्वर स्वामी मधुसूदनानंद गिरी जी तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत श्री रविन्द्रपुरी जी महाराज ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने सनातन संस्कृति की रक्षा,सामाजिक समरसता,राष्ट्र निर्माण और युवाओं को भारतीय परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम में मंच पर आयोजन समिति के व्यवस्था प्रमुख संतोष चौपड़ा, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद सुधीर गुप्ता, चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी, जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा,मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू, निम्बाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी,जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि, उद्योगपति,समाजसेवी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभागार श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और पूरे आयोजन के दौरान “हर-हर महादेव” तथा “जय श्रीराम” के जयघोष गूंजते रहे।कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन संस्कृति का संरक्षण,राष्ट्र चेतना का जागरण तथा समाज में नैतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार करना रहा। अंत में आयोजन समिति ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं हजारों श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में धर्म, सेवा और संस्कारों की अलख जगाने के ऐसे आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे।
सनातन राष्ट्र धर्मसभा में उमड़ा आस्था का सैलाब, स्वामी कैलाशानन्द गिरी बोले,नीमच पर भगवान महादेव की विशेष कृपा







