नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। शहर का स्कीम नंबर 36-ए स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर आगामी दिनों में धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का विराट केंद्र बनने जा रहा है। ग्वालियर चम्बल परिवार एवं समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों के संयुक्त तत्वावधान में 31 मई से 7 जून तक सात दिवसीय विशाल धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर मंदिर परिसर से लेकर कथा स्थल तक भक्तिमय वातावरण निर्मित हो चुका है और तैयारियाँ युद्धस्तर पर जारी हैं। आयोजन समिति द्वारा पूरे परिसर को आकर्षक धार्मिक सजावट,रोशनी और आध्यात्मिक स्वरूप से सजाया जा रहा है,जिससे श्रद्धालुओं को दिव्यता का विशेष अनुभव हो सके।स्थानीय लायंस डेन पर आयोजित प्रेसवार्ता में ग्वालियर चम्बल परिवार के प्रमुख राधेमोहन शर्मा, पुष्पेंद्र शर्मा, सुनील माहौर, धर्मेंद्र गुर्जर, विनोद त्रिपाठी, सुभाषचंद्र शर्मा, मनोज त्रिपाठी एवं सचिन शर्मा (ठेकेदार) ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का एक पावन प्रयास है। उन्होंने बताया कि आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कथा स्थल पर बैठने की विशेष व्यवस्था, पेयजल, प्रसादी वितरण, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।आयोजन के अंतर्गत 31 मई से 7 जून तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव आयोजित होगा। प्रसिद्ध कथावाचिका अनन्या शर्मा अपने मधुर वाणी और भावपूर्ण शैली में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्ति, धर्म और मानव जीवन के आदर्शों का रसपान कराएंगी। कथा के दौरान श्रीमद् भागवत के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा, करुणा और मानवता का संदेश दिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार कथा में भक्ति संगीत और आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देगा।इस धार्मिक महोत्सव का एक विशेष आकर्षण श्री भूमिया सरकार का दिव्य दरबार रहेगा। समिति ने बताया कि 4 जून से 6 जून तक मंदिर परिसर में दिव्य दरबार का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्री 1008 महामंडलेश्वर हरिओम दास जी महाराज का सानिध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। महामंडलेश्वर महाराज अपने दिव्य आशीर्वचन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से श्रद्धालुओं को धर्म और सत्कर्म की प्रेरणा देंगे। माना जा रहा है कि इस दिव्य दरबार में अंचल सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे।सात दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ 31 मई को प्रातः 8 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। यह यात्रा रोटरी क्लब के सामने स्थित महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। यात्रा में बैंड-बाजे, ढोल-ढमाके, भगवा ध्वज और धार्मिक जयघोषों के बीच भक्ति का अनुपम वातावरण देखने को मिलेगा। बड़ी संख्या में मातृशक्ति सिर पर कलश धारण कर यात्रा में शामिल होगी, जिससे पूरा शहर भक्तिरस में सराबोर दिखाई देगा।इसके साथ ही 1 जून से 6 जून तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे कथा स्थल पर विधिवत हवन और यज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार यह यज्ञ क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना के साथ संपन्न होगा। श्रद्धालु यज्ञ में आहुतियाँ देकर पुण्य लाभ अर्जित कर सकेंगे।महोत्सव का समापन 7 जून को पूर्णाहुति एवं विशाल महाप्रसादी के साथ होगा। दोपहर 3 बजे से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।आयोजन समिति लगातार बैठकों के माध्यम से व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित और भव्य बनाने में जुटी हुई है।इन दिनों सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर पूरी तरह धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आ रहा है। शहरवासियों में इस विराट धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह है और हर कोई इस भक्तिमय महोत्सव का साक्षी बनने को आतुर दिखाई दे रहा है।







