नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। 11 जुलाई को दशहरा मैदान स्थित टाउन हॉल में आयोजित होने वाली विराट धर्मसभा से पूर्व शुक्रवार को आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज विशेष चार्टर्ड विमान से नीमच पहुंचे। हेलीपेड पर उनके आगमन के साथ ही श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत माहौल देखने को मिला। समाजसेवी संतोष चोपड़ा एवं चोपड़ा परिवार ने श्रद्धापूर्वक पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा, गौरव चोपड़ा सहित चोपड़ा परिवार के सदस्यों ने भी महाराज श्री का अभिनंदन करते हुए आयोजन की सफलता का संकल्प व्यक्त किया।हेलीपेड पर स्वागत के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। गरोठ विधायक चंदर सिंह सिसोदिया, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष राकेश भारद्वाज, समाजसेवी अशोक अरोरा गंगानगर सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं धर्मप्रेमियों ने भी महाराज श्री का स्वागत कर उनका आशीर्वाद लिया।आगमन के बाद स्वामी कैलाशानंद जी महाराज की भव्य अभिनंदन यात्रा हेलीपेड से शहर के प्रमुख मार्गों से होकर समाजसेवी संतोष चोपड़ा के निवास तक निकाली गई।यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा, स्वागत द्वार और जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने महाराज श्री के दर्शन किए। पूरे मार्ग पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने से शहर धार्मिक रंग में रंगा नजर आया।आयोजन समिति के अनुसार शनिवार, 11 जुलाई को प्रातः 11:15 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक दशहरा मैदान स्थित टाउन हॉल में एक दिवसीय विशाल धर्मसभा आयोजित होगी। धर्मसभा में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज अपने ओजस्वी एवं आध्यात्मिक प्रवचनों से श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करेंगे। आयोजन में देशभर से संत-महात्मा, उद्योगपति, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।धर्मसभा को लेकर शहरभर में विशेष तैयारियां की गई हैं। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने,पेयजल, सुरक्षा,पार्किंग एवं अन्य सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों को आकर्षक सजावट,स्वागत द्वारों और धार्मिक ध्वजों से सजाया गया है।आयोजकों ने बताया कि समाजसेवी संतोष चोपड़ा, नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा, गौरव चोपड़ा एवं संपूर्ण चोपड़ा परिवार इस आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।श्रद्धालुओं के स्वागत, व्यवस्थाओं और सेवा कार्यों में परिवार का विशेष योगदान रहा है। उनका कहना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नीमच की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई देने वाला ऐतिहासिक अवसर साबित होगा।







