नीमच, 9 जुलाई। महेन्द्र उपाध्याय।मध्यप्रदेश के अंतिम छोर पर स्थित लाल माटी का नगर नीमच आगामी 11 जुलाई 2026, शनिवार को एक ऐतिहासिक एवं भव्य आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। राष्ट्र उत्थान, सामाजिक समरसता और विश्व शांति के संदेश के साथ टाउन हॉल, दशहरा मैदान में आयोजित होने वाली विराट धर्मसभा में परम शिव उपासक, ब्रह्मनिष्ठ परिव्राजकाचार्य, प्रातः स्मरणीय, अनंत श्री विभूषित आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानन्द जी महाराज, पीठाधीश्वर, निरंजनी अखाड़ा एवं दक्षिण काली पीठ, हरिद्वार का दिव्य सानिध्य प्राप्त होगा। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर पूरे जिले में उत्साह का वातावरण है।
आयोजन संतोष चौपड़ा परिवार के व्यवस्थापन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर से पूज्य संत-महात्मा, केंद्रीय एवं राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, उद्योगपति, सामाजिक संगठन और हजारों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति प्रस्तावित है। आयोजन समिति ने इसे नीमच के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया है।
10 जुलाई को चार्टर्ड विमान से होगा आगमन, निकलेगी भव्य स्वागत यात्रा
धर्मसभा से एक दिन पूर्व 10 जुलाई, शुक्रवार को सायं 4:23 बजे स्वामी श्री कैलाशानन्द जी महाराज का चार्टर्ड विमान द्वारा नीमच हवाई पट्टी पर आगमन होगा। इसके बाद विशाल वाहन रैली एवं भव्य स्वागत यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा प्राइवेट बस स्टैंड, फव्वारा चौक, कमल चौक, विजय टॉकीज चौराहा, चौपड़ा चौराहा, गोमाबाई रोड होते हुए आनंद विहार स्थित संतोष चौपड़ा परिवार के निवास तक पहुंचेगी। मार्ग में विभिन्न समाजों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा, जयघोष और भव्य स्वागत किया जाएगा।
11 जुलाई को होगी विराट धर्मसभा
11 जुलाई, शनिवार को प्रातः 11:15 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक अटल बिहारी वाजपेई सभागृह, टाउन हॉल, दशहरा मैदान में विराट धर्मसभा का आयोजन होगा। धर्मसभा में पूज्य गुरुदेव अपने आध्यात्मिक प्रवचनों से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति, राष्ट्रभक्ति एवं जीवन मूल्यों का संदेश देंगे। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए स्नेह मिलन एवं प्रसादी की व्यवस्था भी रहेगी।
108 स्वागत द्वारों से होगा अभिनंदन
आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए शहरभर में 108 स्वागत द्वार एवं स्वागत मंच बनाए गए हैं। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा एवं अभिनंदन की तैयारियां की गई हैं। अग्रवाल समाज, जायसवाल समाज, ब्राह्मण समाज, जैन समाज, माहेश्वरी समाज, राजपूत समाज, पाटीदार समाज, सिंधी पंचायत, अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा, सिख समाज, व्यापारिक संगठन, उद्योग संघ, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, भारत विकास परिषद, विश्व हिन्दू परिषद, ब्रह्माकुमारी, जीतो, जैन सोशल ग्रुप सहित सैकड़ों धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं आयोजन में सक्रिय सहयोग कर रही हैं।
देशभर के संतों और विशिष्ट अतिथियों का होगा सानिध्य
धर्मसभा में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत श्री रविन्द्रपुरी जी महाराज, महायोगी परमहंस बावा श्री श्री 1008 कालीदास कृष्णानंद जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी मधुसूदनानंद गिरी जी, बालमुकुन्दाचार्य जी महाराज, महामंडलेश्वर सुरेशानन्द सरस्वती जी, स्वामी सुदर्शनाचार्य जी, भागवताचार्य भीमाशंकर शास्त्री एवं राष्ट्रीय संत डॉ. मिथिलेश नागर सहित अनेक संतों का पावन सानिध्य मिलेगा।
वहीं विशिष्ट अतिथियों में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, निर्मला भूरिया, कुंवरजी बावलिया, मेघालय भाजपा अध्यक्ष रिकमन मोमिन, सांसद सुधीर गुप्ता, सी.पी. जोशी, बंशीलाल गुर्जर, फिल्म अभिनेता रजत बेदी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, उद्योगपतियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति प्रस्तावित है।
चौपड़ा परिवार ने किया सपरिवार आमंत्रित
आयोजन समिति एवं चौपड़ा परिवार ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार धर्मसभा में उपस्थित होकर संतवाणी, आध्यात्मिक अमृत वचनों और दिव्य आशीर्वाद का लाभ लेने का आग्रह किया है। आयोजकों का कहना है कि संतों का सानिध्य व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, संस्कार, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्र सेवा की भावना का संचार करता है। यही कारण है कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जागरण और आध्यात्मिक उत्थान का एक ऐतिहासिक महाकुंभ बनने जा रहा है।







