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शिवाजी सागर ठिकरिया डेम की ऊंचाई बढ़ाने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश,आंदोलन की चेतावनी

Mahendra Upadhyay
2 Min Read
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नीमच।महेन्द्र उपाध्याय।जिला मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित शिवाजी सागर ठिकरिया डेम की प्रस्तावित ऊंचाई बढ़ाने के फैसले को लेकर ग्राम सीरखेड़ा सहित आसपास के गांवों में भारी विरोध शुरू हो गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे बड़े जन आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।ग्रामीणों का कहना है कि डेम की ऊंचाई बढ़ने से वर्षों पुराने ग्रामीण मार्ग जलमग्न हो जाएंगे,जिससे किसानों का अपने खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। इससे खेती-किसानी पर सीधा असर पड़ेगा और लोगों की आजीविका संकट में पड़ जाएगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर उनके जीवन और अस्तित्व को खतरे में डाला जा रहा है।ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम पंचायत सीरखेड़ा के कई परिवार लंबे समय से इस क्षेत्र में निवास कर रहे हैं और उनकी कृषि भूमि तथा मकान संभावित डूब क्षेत्र में आ सकते हैं। कई परिवारों के पास भूमि के वैध पट्टे नहीं होने के कारण उन्हें मुआवजा नहीं मिलने की चिंता भी सता रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूछा कि जब उनके घर, खेत और रास्ते सब डूब जाएंगे तो आखिर वे कहां जाएंगे।ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जलभराव बढ़ने से गांवों का आवागमन प्रभावित होगा। श्मशान घाट,संपर्क मार्ग और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी डूब क्षेत्र में आने की आशंका है,जिससे पूरे क्षेत्र की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।प्रभावित लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि डेम की ऊंचाई बढ़ाने से पहले सभी प्रभावित गांवों का विस्तृत सर्वे कराया जाए। साथ ही उचित पुनर्वास,पर्याप्त मुआवजा और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे,जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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