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खंभ फाड़ प्रकटे भक्तवत्सल भगवान नरसिंह,नीमच में गूंजा भक्ति और उत्साह का संगम

Mahendra Upadhyay
2 Min Read
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। शहर में गुरुवार को भगवान श्री नरसिंह जयंती का पर्व श्रद्धा,आस्था और भव्यता के साथ मनाया गया। घंटाघर स्थित अग्रवाल समाज के नृसिंह मंदिर में दिनभर धार्मिक आयोजन हुए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।प्रातः 8:30 बजे भगवान का विधिवत अभिषेक किया गया। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच भक्तों ने भगवान नरसिंह के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। सागर मंथन दोपहर 3 बजे नृसिंह परिवार महिला मंडल द्वारा 56 भोग अर्पित कर भजन-कीर्तन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।शाम 6 बजे से भगवान नरसिंह की लीला का मंचन किया गया, जिसमें हिरण्य कश्यप और प्रह्लाद की कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। ठीक 7.15 बजे भगवान के प्रकट होने का दिव्य दृश्य देखने को मिला, जिसमें भगवान नरसिंह खंबा फाड़कर प्रकट हुए,जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद आरती कर प्रसाद वितरण किया गया।पुराणों के अनुसार,जब अत्याचारी असुर राजा हिरण्य कश्यप ने स्वयं को भगवान मानकर अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति से रोकने का प्रयास किया, तब भक्त की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार धारण किया। सागर मंथन यह अवतार आधा मनुष्य और आधा सिंह रूप में था। कथा के अनुसार, भगवान नरसिंह खंभ (स्तंभ) से प्रकट हुए और संध्या समय, न तो दिन न रात, न भीतर न बाहर, न अस्त्र न शस्त्र—इन सभी शर्तों के बीच हिरण्य कश्यप का वध कर धर्म की स्थापना की।इस आयोजन की जानकारी अग्रवाल समाज के अध्यक्ष ओम प्रकाश बंसल ने दी। पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना और मंदिर परिसर “जय श्री नरसिंह” के जयकारों से गूंज उठा।

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